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आहर्ता पूरा नहीं करने वाले और अनियमित ढंग से चल रहे नर्सिंग कॉलेज बंद होंगे

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द फॉलोअप डेस्क
राज्य में अनियमित ढंग से चल रहे नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने और भारी जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है। इनमें वैसे नर्सिंग कॉलेज भी शामिल हैं जो लगातार तीन शैक्षणिक सत्र से नामांकन लेते जा रहे हैं लेकिन तय आहर्ता को पूरा नहीं किया है। साथ ही तत्काल प्रभाव से ऐसे नर्सिंग कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए नामांकन पर रोक लगाने का भी फैसला किया गया है। यह निर्णय सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 61 नर्सिंग कॉलेजों के मामले में की गयी समीक्षा में लिया गया। हालांकि बैठक में नियमों का पालन करने वाले नर्सिंग कॉलेजों को एनओसी जारी करने पर भी सहमति बनी। उन्होंने कहा कि इसके लिए 15 दिनों के भीतर काउंसिल की फिर से बैठक होगी।


बैठक में तय किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित नर्सिंग कालेजों के लिए जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की भी जांच की जाएगी। यदि किसी कालेज को पहले से मौका दिया गया है तो उसे अब तक अपना भवन निर्माण कर लेना चाहिए था।
ऐसे मामलों में लीज या किराये की व्यवस्था की नवीनीकरण स्थिति की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। अजय कुमार सिंह ने एनओसी देने से पहले ऐसे सभी नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उसमें चार अधिकारियों का होना अनिवार्य बताया। उनमें संबंधित जिले के सिविल सर्जन, रजिस्ट्रार, कार्यपालक अभियंता और अपर समाहर्ता। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निरीक्षण के बाद फोटो ऑनलाइन अपलोड होंगे। आज की बैठक में निदेशक प्रमुख डॉ सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी एवं उप सचिव ध्रुव प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित थे।


पायलट प्रोजेक्ट के तहत पांच सीएचसी में शुरू होगी नर्सिंग की पढ़ाई
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने नर्सिंग छात्रों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए कालेजों को सरकारी या निजी अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कम से कम पांच सीएचसी में तत्काल नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने का भी निर्देश दिया, ताकि भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार किया जा सके।


ऑनलाइन होगी आवदेन की प्रक्रिया
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अब ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएं और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए। उन्होंने सभी नर्सिंग कालेजों में फैकल्टी का एचआर ऑनलाइन प्रदर्शित करने, बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश।

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