द फॉलोअप डेस्क
एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) द्वारा “स्ट्रेटम 2025” नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय खनन सम्मेलन का आयोजन 15-16 दिसंबर 2025 को रांची में किया जा रहा है। यह सम्मेलन रणनीतिक रूपांतरण, संसाधन अधिग्रहण तथा खनन में प्रौद्योगिकी उन्नयन पर आधारित है और खनन क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार तथा सहयोगात्मक संवाद के लिए लिए आयोजित किया जा रहा है।.jpeg)
उद्घाटन सत्र को आज एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कोयला उत्पादन बढ़ाकर एनटीपीसी के 100 मिलियन टन लक्ष्य की पूर्ति की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही बेहतर परिचालन दक्षता के माध्यम से लागत में कमी पर भी जोर दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों जैसे संसाधनों के अन्वेषण सहित खनन में विविधीकरण के महत्व को रेखांकित किया और खनन दक्षता तथा कोयला डिस्पैच प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कोयला गैसीकरण और कार्बन अवशोषण (सीक्वेस्टेशन) से संबंधित पहल का भी उल्लेख किया, जो एनटीपीसी की व्यापक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा हैं।.jpg)
एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (ईंधन) और एनएमएल के अध्यक्ष शिवम श्रीवास्तव ने निम्न-कार्बन भविष्य में खनन के लिए डिजिटलीकरण और स्वचालन को प्रमुख आधार स्तंभ बताया। उन्होंने एनएमएल में प्रगतिशील नीतियों, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समावेशन की पहलों तथा प्रदर्शन में सुधार और परिचालन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए चल रहे पायलट प्रोजेक्ट्स का भी उल्लेख किया।
इससे पूर्व, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं आरईडी (माइनिंग) नवीन जैन ने स्वागत भाषण दिया और एनएमएल की रणनीतिक रूपरेखा तथा परिचालन प्रगति की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उद्घाटन कार्यक्रम के भाग के रूप में “स्ट्रेटम 2025” की स्मारिका तथा एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया गया। सत्र के दौरान एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें एनएमएल के खनन संचालन, प्रौद्योगिकीय पहलों तथा भारत की ऊर्जा व्यवस्था में उसकी भूमिका को प्रदर्शित किया गया।
इस सम्मेलन में “आत्मनिर्भर भविष्य के लिए रणनीतिक संसाधन”, “गहराइयों से स्वच्छ ऊर्जा”, “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं ऑटोमेशन के माध्यम से स्मार्ट माइनिंग” तथा “खनन में सततता की ओर अग्रसर” विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इस कॉन्फ्रेंस में अकादमिक संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योग एवं विभिन्न सरकारी निकायों के विशेषज्ञ महत्वपूर्ण खनिज, कोयला गैसीकरण, डिजिटल माइनिंग, ऑटोमेशन, ईएसजी प्रथाओं तथा खदान पुनर्वास जैसे विषयों पर शोध–पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और विचार–विमर्श में भाग ले रहे हैं। वहीं एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें एनएमएल की कोयला खनन परियोजनाओं के परियोजना प्रमुख भी शामिल हैं, सम्मेलन एवं चर्चाओं में शामिल हुए।