द फॉलोअप डेस्क
जुलाई 2025 से राज्य में चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति पर लगी रोक अब जल्द हट जाएगी। फिर से चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। नयी नियुक्ति के लिए कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने बहुद्देश्यीय कर्मी नियुक्ति सेवा शर्त नियमावली (एमपीएस) का प्रारूप तैयार कर लिया है। उस पर विधि एवं वित्त विभाग की सहमति के बाद स्वीकृति के लिए कैबिनेट को भेज दिया गया है। तीन नवंबर को होनेवाली कैबिनेट की बैठक में इस पर स्वीकृति मिल जाने की पूरी संभावना है। पलामू में चतुर्थ वर्गीय पदों पर होनेवाली नियुक्ति प्रक्रिया नयी नियुक्ति नियमावली से प्रभावित नहीं होगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार नयी नियमावली से उस तरह की कोई भी नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी, जो कोर्ट के विचाराधीन है। पलामू में चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फ्रेश विज्ञापन निकाल कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है, इसलिए नयी नियमावली की शर्तें वहां लागू नहीं की जाएंगी।

जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चयन करेगा
चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति के लिए नयी नियमावली का नाम बहुद्देश्यीय कर्मी नियुक्ति एवं सेवा शर्त नाम दिया गया है। इस नियमावली के तहत किसी भी स्तर के चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति की जाएगी। मसलन चपरासी, माली, गार्ड, चालक व अन्य शामिल है। इसीलिए इस नियमावली का नाम मल्टी पर्पस स्टाफ (एमपीएस) दिया गया है। झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से एमपीएस के पदों पर अभ्यर्थियों का चयन करेगा। इसके लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक रखा गया है। इस प्रतियोगिता परीक्षा में संविदा एवं अन्य स्रोतों से कार्यरत कर्मियों को अधिमान्यता दी जाएगी। इसके लिए कम से कम पांच साल की सेवा अनिवार्य की गयी है। पांच साल से कार्यरत कर्मियों को पूर्णांक का पांच प्रतिशत और उसी अनुरूप छह साल, सात साल और इससे अधिक समय से कार्यरत कर्मियों को अधिकतम 10 फीसदी अंक की अधिमान्यता मिलेगी।
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मेरिट कम च्वायस के आधार पर होगी नियुक्ति
नियमावली में मल्टी पर्पस स्टाफ के दो तरह के संवर्ग बनाए गए हैं। एक सचिवालय एवं संलग्न कार्यालय के लिए और दूसरा समहरणालयों के लिए। दोनों ही संवर्ग के लिए एक ही प्रतियोगिता परीक्षा होगी। लेकिन रिजल्ट का प्रकाशन मेरिट कम च्वायस के आधार पर होगा। मसलन किसी अभ्यर्थी ने अपना च्वायस रांची दिया है और उसे प्रतियोगी परीक्षा में नंबर भी ज्यादा आया है, तो उसकी नियुक्ति रांची में हो जाएगी। लेकिन च्वायस रांची है और नंबर कम है तो दूसरे जिले में उसकी नियुक्ति होगी। राज्य के किसी भी जिले का व्यक्ति दूसरे किसी भी जिले में नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेगा। प्रतियोगिता परीक्षा में बैठ सकेगा। चतुर्थ वर्गीय सारे पद प्रत्यर्पित कर पुनर्नामित किया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि पूर्व से कार्यरत कर्मी मल्टी पर्पस स्टाफ कहलाएंगे। इसके अलावा राज्य में अगर चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के लिए 1000 पद स्वीकृत हैं और उसके विरुद्ध 400 कर्मी कार्यरत हैं तो शेष 600 पदों पर जेएसएससी के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
