रांची
झारखंड में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद और अलर्ट मोड पर है। परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराने के लिए शुक्रवार की देर रात बोकारो, गोड्डा, हजारीबाग सहित कई जिलों के होटलों में सघन जांच अभियान चलाया गया। संदिग्धों पर नजर रखने के लिए शनिवार की रात भी कई जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।.jpg)
पहचान पत्रों का सत्यापन और हड़कंप
शुक्रवार देर रात पुलिस की टीमों ने विभिन्न होटलों में औचक छापेमारी की। इस दौरान होटल में ठहरे प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्र की बारीकी से जांच की गई और दो दिन से अधिक समय से रुके लोगों से कड़ी पूछताछ की गई। झारखंड के 21 शहरों में NEET की पुनर्परीक्षा के लिए कुल 67 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें रांची में सबसे अधिक 21 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके अलावा हजारीबाग में 9 केंद्र, बोकारो और जमशेदपुर में 8-8 केंद्र, धनबाद में 7 केंद्र तथा गिरिडीह में 3 केंद्र बनाए गए हैं।
हजारीबाग में कोर्रा क्षेत्र के होटलों में चला चेकिंग अभियान
हजारीबाग में सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर अरमानुल हक और कोर्रा थाना प्रभारी ने सशस्त्र बल के साथ कोर्रा क्षेत्र के होटलों का सत्यापन किया। होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आगंतुकों का पूरा रिकॉर्ड रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गोड्डा के कई प्रमुख होटलों में पुलिस की अचानक छापेमारी
गोड्डा में एसडीपीओ आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस ने स्काई ब्लू, तुष्ताया इन, शालीमार, मोती महल और वृंदावन जैसे प्रमुख होटलों में कमरों की तलाशी ली। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से होटल संचालकों और ठहरने वाले लोगों के बीच कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बनी रही।
गिरिडीह के तीन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गिरिडीह में 21 जून को दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा के सफल व कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उपायुक्त रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद जिले के तीन परीक्षा केंद्रों सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पचंबा, गिरिडीह +2 उच्च विद्यालय और जे.सी. बोस स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) पर सुरक्षा के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। उपायुक्त ने परीक्षार्थियों से केवल NTA द्वारा जारी नवीनतम व वैध एडमिट कार्ड लाने की अपील की है, क्योंकि पुराने कार्ड मान्य नहीं होंगे। केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 06532-228829 स्थापित किया गया है। परीक्षा में बाधा डालने या कदाचार करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के पास से हटाया गया अतिक्रमण
परीक्षार्थियों के आवागमन में कोई बाधा न आए और यातायात व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने गुरुवार देर शाम ही चाईबासा स्थित दोनों परीक्षा केंद्रों के आसपास से सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों, ठेला-खोमचा और अन्य अवरोधों को पूरी तरह से हटा दिया।
डीसी और एसपी की संयुक्त बैठक
बोकारो में परीक्षा की तैयारियों को लेकर डीसी अजय नाथ झा और एसपी नाथू सिंह मीना ने एक उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक की। डीसी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA की गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए और परीक्षा केंद्र पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश मिले। वहीं, एसपी ने बताया कि सभी 8 केंद्रों जैसे केंद्रीय विद्यालय, प्लस टू विद्यालय, सीटीपीएस चंद्रपुरा आदि पर मेटल डिटेक्टर, पुरुष व महिला पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण नियम और दिशा-निर्देश
प्रशासन ने परीक्षार्थियों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर केंद्र पहुंचने की अपील की है। प्रवेश का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में एंट्री नहीं दी जाएगी। साथ लाने वाली सामग्री अभ्यर्थी अपने साथ केवल एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैध पहचान पत्र ही ला सकते हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर पेन ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी; पेन परीक्षा हॉल में NTA द्वारा ही उपलब्ध कराया जाएगा।