द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा की रहने वाली 24 वर्षीय पुनिता कुमारी पलक्कड से रांची आ रही थीं। बी-4 कोच की सीट नंबर-18 पर सफर के दौरान बकसपुर स्टेशन के पास अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन में मौजूद टीटी एस. मंडल ने तुरंत रेलवे को इसकी सूचना दी, जिसके बाद रांची मंडल के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष ने हटिया स्टेशन पर मेडिकल टीम तैयार कर दी। हटिया पहुंचने से पहले ही गोविंदपुर और हटिया के बीच चलती ट्रेन में पुनिता ने सहयात्री महिलाओं की मदद से एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। सुबह करीब 7.52 बजे ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची, जहां पहले से तैयार रेलवे की मेडिकल टीम ने मां और नवजात की जांच की। डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति स्थिर और संतोषजनक बताई।

मां-बच्ची के लिए 21 मिनट रोकी गई ट्रेन
मां और बच्ची को सुरक्षित उतारने और जरूरी चिकित्सा सहायता देने के लिए ट्रेन को हटिया स्टेशन पर सुबह 7.52 बजे से 8.13 बजे तक कुल 21 मिनट रोका गया। इस ट्रेन का हटिया स्टेशन पर निर्धारित ठहराव महज 5 मिनट है। ऐसे में मां और नवजात की देखभाल के लिए ट्रेन निर्धारित समय से 16 मिनट अधिक रुकी। बच्ची के जन्म के बाद कोच में यात्रियों के बीच राहत और खुशी का माहौल बन गया।

रेलवे ने यात्रियों को दी जरूरी जानकारी
रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने बताया कि ट्रेन में किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर घबराने की जरूरत नहीं है। यात्री 139 पर संपर्क कर ट्रेन नंबर, कोच, सीट नंबर, मरीज की स्थिति और ट्रेन की लोकेशन की जानकारी दे सकते हैं। रेल मदद ऐप के जरिए भी सहायता मांगी जा सकती है। टीटीई या ट्रेन में मौजूद रेलवे स्टाफ को तुरंत सूचना देने से अगले स्टेशन पर मेडिकल टीम की व्यवस्था की जा सकती है। पुनिता के मामले में भी सूचना मिलते ही हटिया स्टेशन पर मेडिकल टीम तैयार कर दी गई थी।