जमशेदपुर
पोटका प्रखंड के सुदूरवर्ती नारदा पंचायत स्थित मिठाईझरना समेत आसपास के पहाड़ी गांवों में विधायक संजीव सरदार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीन ट्रैक्टरों से करीब 14 किलोमीटर दुर्गम पहाड़ी रास्ता तय कर गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. दरअसल, मिठाईझरना, चुकागोड़ा, बांसबनी और जामकुटा गांव मुख्य सड़क से करीब 14 किलोमीटर पहाड़ के ऊपर बसे हैं. पोटका मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित इन गांवों में करीब 1100 की आबादी रहती है, जिनमें आदिम जनजाति सबर और आदिवासी परिवार शामिल हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 साल बाद भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं.
विद्युतीकरण योजना का शिलान्यास
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने विधायक के सामने बिजली, सड़क, पेयजल, आवास और पेंशन की समस्याएं रखी. विधायक ने मौके पर मौजूद विद्युत, अंचल, वन, पेयजल विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. इस दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत चार गांवों में विद्युतीकरण योजना का शिलान्यास भी किया. ग्रामीणों ने बताया कि अब तक कुछ घरों में केवल सोलर पैनल के सहारे रोशनी की व्यवस्था थी. जादूगोड़ा विद्युत विभाग के एसडीओ मो. सैफुद्दीन ने कहा कि जल्द ही गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया जायेगा.

अन्तिक व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य: संजीव सरदार
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पोटका और डुमरिया सीमा के इन पहाड़ी गांवों में कभी माओवादी प्रभाव के कारण विकास कार्य प्रभावित रहे. उन्होंने कहा कि अब सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जायेगा. इस दौरे में विद्युत विभाग, अंचल कार्यालय, वन विभाग, पेयजल विभाग, टाटा स्टील फाउंडेशन और कोवाली थाना के अधिकारी मौजूद थे.
