logo

JTET : भाषा विवाद पर नहीं बनी मंत्रियों के बीच सहमति,कांग्रेस में भी फूट

radhakrishna-1.jpg


 द फॉलोअप, रांची
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की विशेष बैठक में जेटेड के भाषा विवाद पर आम समिति नहीं बन पाई। इस समिति में शामिल किए गए दो नये मंत्री, शिल्पी नेहा तिर्की और हफीजुल हसन ने भी अंगिका, भोजपुरी, और मगही को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल करने का विरोध किया। राधाकृष्ण किशोर ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री को फैसला करना है। संख्या बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। मुख्यमंत्री को सापेक्ष रूप से मंत्रियों के विरोध और समर्थन को देखे बिना जनहित में फैसला करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैठक में कई मंत्रियों ने जनजातीय भाषाओं के अस्तित्व और महत्व को रेखांकित किया। इससे दूसरे मंत्री भी असहमत नहीं थे। लेकिन जिन जिलों में अंगिका, भोजपुरी और मगही बोली जाती है, उन जिलों के छात्रों को इन भाषाओं को शामिल किए बगैर हिंदी को द्वितीय भाषा के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। इससे सभी विवादों का हल संभव हो पाएगा। बैठक में सभी सातो मंत्री शामिल हुए। उनमें किशोर के अलावा सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की और हफीजुल हसन। भाषा विवाद पर आज कांग्रेस में भी बड़ी फूट दिखी। राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह जहां मगही, भोजपुरी और अंगिका को शामिल करने पर जोर दिया वहीं शिल्पी नेहा तिर्की ने सिरे से इसका विरोध किया।


 उन्होंने बताया कि बैठक में गढ़वा के डीएसई की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। डीएसई की रिपोर्ट में कहा गया है कि गढ़वा में मगही बोलने वालों की संख्या 1 लाख से अधिक है। भोजपुरी भाषी भी अच्छी खासी संख्या में हैं। वहीं नागपुरी बोलने वाले मुश्किल से 3 से 4 हजार लोग हैं। इसलिए अगर मगही और भोजपुरी को शामिल नहीं भी किया जाता है तो ऐसे जिलों में हिंदी को द्वितीय भाषा के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। क्योंकि पलामू गढ़वा में नागपुरी की पढ़ाई नहीं होती और यह जेटेट की क्षेत्रीय भाषा में शामिल कर दिया गया है। फिर वहां के छात्र बिना पढ़े कैसे परीक्षा में सम्मिलित हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह झारखंड के जनजातीय लोग झारखंडी हैं उसी तरह गैर जनजातीय लोग जो झारखंड में रहते हैं वह भी कम झारखंडी नहीं है। राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि आज की बैठक अंतिम बैठक थी। अब मुख्यमंत्री को अंतिम निर्णय लेना है।

 

Tags - Jharkhand JTET language dispute Bhojpuri Magahi ministers' meeting Congress split