द फॉलोअप डेस्क
राज्य में हो रही आउट सोर्स कर्मियों की नियुक्ति के मामले में बुधवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने ध्यानाकर्षण के माध्यम से आउट सोर्स कर्मियों की हो रही नियुक्ति में विसंगति, भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों को रेखांकित किया। झारखंड मैन पावर आउट सोर्स मैन्युअल का गठन किया गया है। फिर भी आउट सोर्स एजेंसियां मोटी रकम लेकर पिक एंड चुज के आधार पर नामों की अनुशंसा कर रही है। नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी है। आवेदन करने वालों में कुछ युवाओं के नाम अनुशंसित कर दिए जाते हैं लेकिन जिन्हें छांटा जाता है, उन्हें उसका कारण नहीं बताया जाता। प्रदीप यादव का नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भी साथ दिया। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर सवाल है। बाहर के युवाओं को यहां आउट सोर्स पर नौकरी मिल रही है। राज्य के बच्चे छंट जा रहे हैं। क्यों नहीं जिला एक्सचेंजों से नाम मांग कर नियुक्ति की जाए।
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इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विस्तार से मैन्युअल के प्रावधानों को रेखांकित करते हुए बताया कि आउट सोर्स कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। जैप आईटी से लेकर विभाग तक की जिम्मेदारी तय कर दी गयी है। वह इसे जरूर सुनिश्चित करेंगे कि जो प्रावधान किए गए हैं, उसका पूरी तरह अनुपालन हो। लेकिन प्रक्रियात्मक जटिलता बढ़ाने पर आउट सोर्स पर कर्मियों की नियुक्ति का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इसलिए कि आउट सोर्स पर कर्मी की नियुक्ति तात्कालिक जरूरत को पूरा करने की व्यवस्था है। अगर नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब और जटिलता होगी तो इसका औचित्य नहीं रह जाएगा।
