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बजट सत्र का अंतिम दिन: रामनवमी, सरस्वती पूजा और असम से लेकर ट्रंप तक, सदन में और क्या बोले सीएम हेमंत सोरेन

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द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को बजट सत्र के समापन भाषण में घोषणाओं की झरी लगा दी। उन्होंने महिला, युवा और मजदूर के कल्याण पर विशेष फोकस किया। सदन को बताया कि पहले 12-13 लाख महिलाओं को पेंशन दिया जा रहा था। आज उनकी संख्या 36 लाख से अधिक है। 50 लाख से अधिक महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। फिर भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जोहार परियोजना को आगे बढ़ाएंगे। मंईयां बलवान योजना, महिला उद्यमी प्रारंभ करेंगे। पांच करोड़ तक की राशि कैपिटल इंसेंटिव के रूप में दिया जाएगा। पलाश योजना को मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार की योजनाओं के कारण ही महिलाएं अब निर्णय लेने लगी है। आगे चल कर महिला सशक्तिकरण की योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। हालांकि हेमंत सोरेन का इस बार का समापन भाषण बहुत संतुलित रहा। विपक्ष पर उनका वह तेवर नहीं दिखायी पड़ा, जो पहले उनके भाषण में दिखा करता था।

कम संसाधन में भी हम बेहतर काम कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही हमारी सिंगल इंजन की सरकार है लेकिन दृष्टि स्पष्ट हो तो कम संसाधन में भी बढ़िया किया जा सकता है। सरकार के कामकाज की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। दावोस और यूके दौरे में हमने झारखंड को वैश्विक क्षीतिज पर चर्चा में लाने का काम किया है। आदिवासियों, मूलवासियों और वंचितों के साथ हमारी सरकार खड़ी है और रहेगी। वित्तीय प्रबंधन में भी हम पिछले छह साल में 13 वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। छह वर्षों में बजट की राशि 86000 करोड़ से बढ़ कर 158000 करोड़ हो गयी।मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हम जो कहते हैं वह करते हैं। झारखंड न रुका है, न झुका है, आगे बढ़ता ही रहा है।

शिक्षा के विकास पर हमारा विशेष फोकस
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए सीएम ने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस सीटें नौ हजार सीटों के विरुद्ध 35 हजार आवेदन आ रहे हैं। इस स्कूलों में 40 बच्चों ने इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में सफलता पायी है। उन्होंने कहा कि जब नीतियां सही दिशा में होती है तो उसका परिणाम भी सही आता है। पहले  80 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस थे अब और 100 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खुलेगा। शिक्षा के विकास पर कुल बजट का 12 प्रतिशत अर्थात 18800 करोड़ की राशि कर्णांकित की गयी है। पहले भी लोग विदेश गए। लेकिन पहली बार वे दावोस और यूके गए। उसका अच्छा प्रतिफल दिखायी पड़ रहा है। उनकी सरकार ने अपने एक कार्यकाल में तीन तीन जेपीएससी की परीक्षाएं करायी। चिकित्सक, शिक्षक, अभियंता व अन्य क्षेत्रों में नियुक्तियां की गयीं। उन्होंने बताया कि 23 नये इंजीनियरिंग कॉलेज, झारखंड इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नॉलोजी, 12 डिग्री कॉलेज,  हर जिले में 600 सीटों की लाइब्रेरी बनाया जाएगा।


भारत पर किसका राज, विपक्ष का या ट्रंप का
मुख्यमंत्री ईरान पर अमेरिका और इजरायली हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खाड़ी के देशों में जो हालात हैं, उसे आम लोगों के अरबों-खरबों रुपए डूब रहे हैं। यह स्थिति कब तक रहेगी। ऐसा भी नहीं कि भारत इससे अलग रहेगा या रह सकता है। स्थिति यह है कि हम पड़ोसियों से भी रिश्ते खराब कर रहे हैं। आज अगर दूसरे देश भारत के लिए रास्ता बंद कर दे तो हम भूखे मरने को मजबूर हो जायेंगे। देश में किसका राज है? हमारे विपक्षियों का है या ट्रंप का राज है?


सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा और विश्वकर्मा पूजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सबसे अधिक सरस्वती पूजा होती है। लेकिन ब्रिलिएंट लोग विदेश में पैदा होते हैं।सबसे अधिक लक्ष्मी पूजा भी हमलोग करते हैं और अमीर लोग विदेश में है। विश्वकर्मा पूजा भी सबसे अधिक भारत में होती है लेकिन निर्माण के सबसे अधिक काम चीन में हो रहा है। कुछ तो गड़बड़ हैं। ये पूजा करो वो पूजा करो लेकिन पढ़ो मत। डॉक्टर इंजीनियर नहीं बनों। लाठी डंडा चलाओ और विश्व गुरु बनो।


असम के आदिवासियों का मुद्दा यहां क्यों नहीं उठेगा
मुख्यमंत्री ने अपने समापन भाषण में असम के आदिवासियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सदन में असम का मुद्दा उठाने का विरोध किया।हमारे मंत्री चमरा लिंडा जब असम के आदिवासियों का सवाल उठाते हैं तो विपक्ष कहता है कि असम की चर्चा यहां क्यूँ। लेकिन असम के आदिवासियों की आवाज यहां नहीं उठेगी तो कहाँ उठेगी? असम हो, मणिपुर हो वहां के आदिवासी दलितों को झारखंड से आशा और उम्मीद दिखती है। फिर हम क्यों नहीं उनकी आवाज बनें।


अपर कास्ट के व्यक्ति को हैप्पी होली कहने पर हत्या कर दी जाती है 
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा रामनवमी को लेकर दिए गए बयान पर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बोलते हैं इतना क्या सेंसेटिव होना। सेंसेटिव क्यूं नहीं हो जब दलित समाज का व्यक्ति किसी अपर कास्ट को हैप्पी होली बोल दे तो उसकी जान ले ली जाती है। देश जलने के कगार पर है। अब देश के लोगों को फैसला लेना है।


गैस की किल्लत का ठिकरा हम पर थोपने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई कहां से कहां चली गयी। सिलेंडर के लिए लाईन लग रही है। केंद्र सरकार जब विफल हो रही है तो इसका ठिकरा हम पर थोपने की कोशिश होने लगी है। कहा जा रहा है कि केंद्र राज्य को इतना सिलेंडर देगा और उसके बंटवारे की जिम्मेदारी झारखंड निभाए। 


सीआरपीएफ को पुलिस का पावर देने की तैयारी
हेमंत सोरेन ने कहा कि ईडी, सीबीआई, आईटी के दुरुपयोग को हम देख रहे हैं। अब सीआरपीएफ को पुलिस का पावर देने की कोशिश हो रही है। उग्रवाद को खत्म और समाप्त करने का संकल्प लिया जा रहा है। लेकिन इससे एक नया उपद्रव जन्म ले रहा है। होली, दीपाली, मुहर्रम जैसे त्योहार सेंसेटिव हो रहे हैं। छोटी छोटी चीजों को बड़ा करने की प्रयास हो रहा है।


संसद में महिला के डर से वे नहीं आ रहे, यहां किसके डर से गायब हुआ विपक्ष
मुख्यमंत्री के समापन भाषण का विपक्ष ने बहिष्कार किया। इस पर मुख्यमंत्री ने खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य नहीं है, केवल उनकी कुर्सी है। आगे वे कुर्सी पर बैठने लायक भी नहीं रहेंगे। संसद में तो महिलाओं के डर से वे नहीं आ रहे, यहां किसके डर से विपक्ष सदन से गायब है।


लंदन और खाड़ी के देशों में खोलेंगे प्रवासी सहायता केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में श्रमिकों के लिए सहायता केंद्र खोला जाएगा। इसके अलावा यूके और गल्फ कंट्री में भी प्रवासी सहायता केंद्र खोला जाएगा।


कुछ अति महत्वपूर्ण घोषणाएं
-निर्माण कार्यों एवं आधारभूत संरचना निर्माण से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए टाटा कंपनी के सहयोग से सीएम डाटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का गठन किया जाएगा।
-प्रत्येक वर्ष 50 सिविल सर्वेंट को प्रशिक्षण दिया जाए
-ऊर्जा और ग्रीन इनर्जी के क्षेत्र में झारखंड को आगे ले जाने के लिए जर्मनी और अन्य देशों के तकनीकी सहयोग लिया जाएगा।
-वैश्विक निवेशकों को ध्यान आकर्षित करने के लिए झारखंड इकॉनोमिक डेवलपमेंट बोर्ड का गठन किया जाएगा
-राज्य में पांच इको टूरिज्म प्वाइंट बनाया जाएगा
-क्रिटिकल और रेयल मिनरल तथा ग्रीन इनर्जी के विकास के लिए वैश्विक सपोर्ट से नीति और रोड मैप बनाया जाएगा।
-आत्म हत्या या डिप्रेशन के कारण मृत्यु होने पर उनके शव के लाने की भी व्यवस्था करेगी सरकार
-यूके व अन्य देशों के सहयोग से नॉलेज कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
-यूके के कई विश्वविद्यालयों में पीएचडी की डिग्री के लिए प्रति वर्ष 10 छात्रों को सरकार सहायता करेगी।
-आदिवासी परंपरा और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए दिशोम गुरु मेमोरियल का गठन किया जाएगा

-मेगालिथ को वर्ल्ड हेरिटेज और वर्ल्ड टूरिज्म से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिवद्ध, अगले तीन साल में साहेबगंज मंडरो-फॉसिल पार्क भी विकसित किया जाएगा।

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