द फॉलोअप डेस्क
रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान से दुखद खबर सामने आई है। यहां गुरुवार को 15 वर्षीय नर शेर शशांक की मौत हो गयी। शशांक पिछले कई दिनों से बीमार था और उसका इलाज लगातार किया जा रहा था। शेर की उम्र हो चुकी थी और उसके शरीर के कई अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर चुके थे। उद्यान के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ओमप्रकाश साहु की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। वहीं, रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक कुमार ने भी उसकी जांच की थी।
गुरुवार को ही रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय की टीम ने शेर का पोस्टमार्टम किया। पैशोलॉजी विभाद के प्रमुख डॉ.एम.के. गुप्ता ने बताया कि शशांक के पेट में कैंसर के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि मौत की असली वजह जानने के लिए उसके अंगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार, हाइब्रिड नस्ल के जानवरों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है और इनकी औसत उम्र 15 से 16 साल होती है।
उद्यान प्रबंधन के अनुसार, शशांक को साल 2014 में बेंगलुरु के बन्नरघटा चिड़ियाघर से लाया गया था। कुछ ही दिन पहले 26 मई को शेरनी ‘प्रियंका’ की भी मौत हो गई थी। अब उद्यान में केवल एक नर शेर ‘अभय’ और एक शेरनी ‘शबरी’ ही शेष बचे हैं।
