द फॉलोअप डेस्क
जेपीएससी चेयरमैन का पद फिर लंबे समय तक खाली रहेगा। महीनों बाद जेपीएससी चेयरमैन बनाए गए पूर्व मुख्य सचिव एलबी खियांग्ते लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं। होली की छुट्टी के साथ 15 मार्च से खियांग्ते लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार खियांग्ते तीन अप्रैल को कार्यभार संभालेंगे। मसलन खियांग्ते 21-22 दिन अपने कार्य से अलग रहेंगे। यह स्थिति तब बनेगी जब लगभग छह महीने बाद जेपीएससी को चेयरमैन मिला था। लगभगग एक दर्जन प्रमुख परीक्षाएं लंबित और कुछ के रिजल्ट प्रकाशन में विलंब हो रहा है। जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद खियांग्ते मिजोरम चले गए थे। अपना सारा सामान और परिवार मिजोरम लेकर चले गए थे। वह आईजॉल में रह रहे थे। अब जेपीएससी चेयरमैन बनने के बाद फिर से उन्हें रांची में अगले दो साल तक रहने का मौका मिल गया है। इसलिए वह परिवार और सामान लाने के लिए मिजोरम जाएंगे। मालूम हो कि आयोग में लगभग छह महीने तक अध्यक्ष का पद रिक्त था। तीन सदस्य थे, प्रो अजिता भट्टाचार्य, प्रो अनिमा हांसदा और डॉ जमाल अहमद। लेकिन अध्यक्ष के नहीं होने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और रिजल्ट प्रकाशन संबंधी विषयों पर निर्णय नहीं हो पा रहा था।
परीक्षा और परीक्षा फल जो लटका पड़ा है
प्रमुख नियुक्तियां, जिस पर तत्काल निर्णय लिये जाने हैं
जेपीएससी में चेयरमैन नहीं रहने के कारण लगभग एक दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं का रिजल्ट और परीक्षा के आयोजन पर फैसला लटका पड़ा है। उनमें 11 वीं से 13 वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का रिजल्ट, सीडीपीओ की नियुक्ति के लिए पीटी का रिजल्ट, फूड सेफ्टी अफसर की परीक्षा का रिजल्ट, कनीय सिविल जजों की नियुक्ति का रिजल्ट के अलावा झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी, सहायक वन संरक्षक, मेडिकल अफसर, बीएयू में शिक्षक अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी परीक्षा शामिल है। इसके अलावा प्लस टू स्कूलों में प्राचार्य, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी में प्रवेश के लिए झारखंड पात्रता परीक्षा का भी आयोजन जेपीएससी को करना है। प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट प्रकाशन और परीक्षा के आयोजन को लेकर जेपीएससी को तेजी से काम करना है।