द फॉलोअप, रांची
आजसू के वरिष्ठ नेता डॉ देवशरण भगत ने कहा है कि रांची, हजारीबाग और गिरिडीह में छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने के दौरान जिस प्रकार झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस के संरक्षण में छात्रों पर लाठियां चलाई गईं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

लोकतंत्र में सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक और विशेषकर युवाओं का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की आवाज सुनने के बजाय यदि सत्ता के संरक्षण में उन पर लाठियां बरसाई जाएंगी, तो यह केवल दमन नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने भविष्य की मांग कर रहे हैं। उनकी आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। सत्ता के अहंकार में युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता। आजसू पार्टी स्पष्ट रूप से मांग करती है कि छात्रों पर लाठी चलाने की घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषी लोगों और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो तथा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। झारखंड के युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती। लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद और न्याय का रास्ता अपनाना होगा।
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