द फॉलोअप डेस्क
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां पानी से भरे एक पुराने गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। मृतक बच्चों की पहचान आरा गांव निवासी द्वारिका गंझु की पुत्रियां दीपिका कुमारी, माही कुमारी और पुत्र आर्यन कुमार के रूप में हुई है। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। सबसे दुखद बात यह है कि तीनों बच्चे द्वारिका गंझु की इकलौती संतान थे, जिससे परिवार का पूरा चिराग बुझ गया। जानकारी के अनुसार तीनों बच्चे शुक्रवार को घर से खेलने के लिए निकले थे। इसी दौरान वे गांव के पास स्थित एक पुराने और पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में पानी अधिक होने के कारण तीनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके और डूब गए। काफी देर तक जब बच्चे घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान तीनों बच्चों को गड्ढे के पानी में डूबा हुआ पाया गया। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से बच्चों को बाहर निकालकर तत्काल बालूमाथ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौत की खबर से गांव में मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दयानंद ने बताया कि अस्पताल पहुंचने तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि दीपिका सबसे बड़ी थी, जबकि माही उससे छोटी और आर्यन परिवार का सबसे छोटा सदस्य था। एक साथ तीन बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के शव देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए और हर आंख नम दिखाई दी।

पुराने खनन गड्ढों पर उठे सवाल, जांच में जुटा प्रशासन
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार वर्षों पहले इलाके में फायर क्ले खनन के लिए कई गड्ढे खोदे गए थे, जिन्हें बाद में भरा नहीं गया। इन्हीं लावारिस और खतरनाक गड्ढों में से एक ने तीन मासूमों की जान ले ली। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आज भी ऐसे कई गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। घटना की सूचना मिलने पर लातेहार के उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद और एसडीएम दिनेश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। एसडीएम घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि बालूमाथ थाना प्रभारी अमित कुमार रविदास अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं।