द फॉलोअप, रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) 2025-26 अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, झारखंड को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने कहा है कि वह मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय और रचनात्मक सहयोग करना चाहती है, लेकिन इससे पहले बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की तैनाती, प्रशिक्षण और मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय द्वारा 30 मई 2026 को भेजे गए पत्र में पार्टी ने सात बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा है। पार्टी ने विशेष रूप से उन मतदाताओं की स्थिति पर चिंता जताई है जिन्हें GIS आधारित हाउस मैपिंग के दौरान “अनमैप्ड मतदाता” की श्रेणी में रखा जाता है। झामुमो ने पूछा है कि क्या ऐसे मतदाताओं के खिलाफ बिना पर्याप्त भौतिक सत्यापन के कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश BLO और ERO को दिया गया है। पत्र में संथाल परगना, कोल्हान और दक्षिण छोटानागपुर जैसे आदिवासी एवं बहुभाषी क्षेत्रों में BLO के प्रशिक्षण और स्थानीय भाषाओं की समझ को भी मुद्दा बनाया गया है। पार्टी ने जानना चाहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में संथाली भाषी BLO अथवा सहायक कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है या नहीं।

झामुमो ने Form-6 के माध्यम से पहले से जोड़े गए नए मतदाताओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि अन्य राज्यों के अनुभवों में ऐसे मतदाता बाद में “अनमैप्ड” घोषित होकर विलोपन की कार्रवाई का शिकार हुए हैं। इसलिए झारखंड में अलग से सत्यापन व्यवस्था स्पष्ट की जानी चाहिए। इसके अलावा पार्टी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भाग वार अनमैप्ड मतदाताओं की सूची, प्रस्तावित विलोपन सूची तथा Garuda/ERONet प्रणाली तक रीड-ओनली पहुंच उपलब्ध कराने की समय सीमा भी पूछी है।

झामुमो ने चुनाव आयोग से मांग की है कि BLO की तैनाती से पहले विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया जाए, अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय भाषा जानने वाले BLO की नियुक्ति सुनिश्चित हो तथा Form-6 से जुड़े मतदाताओं की अलग सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए। पार्टी ने अपने सभी सात सवालों का लिखित उत्तर 15 कार्य दिवसों के भीतर देने का अनुरोध किया है।
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