द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज बारिश की संभावना है। दक्षिणी, मध्य और पूर्वी झारखंड में मौसम सबसे अधिक खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। रांची, खूंटी, बोकारो, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा समेत करीब 10 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में यह बदलाव बिहार और मणिपुर के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से हुआ है।

बारिश से तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। रांची, नेतरहाट, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में बारिश कम होने के कारण तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है और उमस बनी रहेगी।

जलभराव और वज्रपात से बचने की अपील
रांची और कोल्हान प्रमंडल में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है। सोमवार को रामगढ़ में 8 मिमी और लोहरदगा में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। एक जून से 12 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 40 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।