द फॉलोअप, रांची
राज्य के लाखों छात्रों के कैरियर के साथ खिलवाड़ का एक और उदाहरण सामने आया है। राज्य सरकार ने लगभग 20 माह बाद झारखंड सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा (JSSCE) का विज्ञापन वापस लेने का फैसला किया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने आज झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को विज्ञापन वापस लेने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। अब जेएसएससी को कार्मिक का आदेश मिलते ही आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा रद्द कर दिया जाएगा। मालूम हो कि झारखंड सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा (JSSCE) का आधिकारिक विज्ञापन संख्या 24/2024 एवं 25/2024 (नियमित और बैकलाग) है जिसे 14 अगस्त 2024 को जारी किया गया था। इन दोनों विज्ञापनों के माध्यम से कुल 455 रिक्त पदों के लए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। नियमित के लिए 454 एवं बैकलॉग के लिए एक पद थे।
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जेएसएससी द्वारा जारी किए गए विज्ञापन के अनुसार 14 अगस्त 2024 से ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तिथि घोषित की गयी थी। 06 सितंबर 2024 को आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि थी। इसे बाद आवेदन जमा करने की तिथि को 10 अक्तूबर 2024 तक बढ़ाया गया था। अब यह परीक्षा होनी थी। इसी बीच कैडर रिव्यू कमेटी की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने इस विज्ञापन को वापस लेने का फैसला किया है। अब कैडर रिव्यू कमेटी की अंतिम अनुशंसा के आधार पर कार्मिक द्वारा नये सिरे से पदों की गणना करने के बाद जेएसएससी को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधियाचना भेजी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार आशुलिपिक के 455 रिक्त पदों के विरुद्ध निकाले गए विज्ञापन के बाद लगभग डेढ़ लाख छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन इस प्रतियोगी परीक्षा के रद्द होने से इन छात्रों का भविष्य एक बार फिर अधर में लटक गया है। वर्षों से मेहनत कर रहे छात्रों को भारी निराशा हाथ लगने वाली है। इस तरह एक बार फिर साबित हुआ है कि बगैर किसी विवाद के राज्य में कोई भी प्रतियोगिता परीक्षा सफल नहीं हो पा रही है। जिस तरह सरकार के स्तर पर या हाईकोर्ट के आदेश पर लगभग हर प्रतियोगिता परीक्षा प्रभावित होती रही है, उसी कड़ी में झारखंड सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा भी जुड़ गयी है।
