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JPSC की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल, APP रिजल्ट में पात्रता शर्तों के उल्लंघन का आरोप

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द फॉलोअप डेस्क 

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से सवाल खड़े हुए हैं। दरअसल, सहायक लोक अभियोजक (APP) भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा (PT) परिणाम को लेकर आयोग के भीतर ही मतभेद सामने आ गए हैं। स्थिति यह है कि JPSC के तीन सदस्यों में से दो सदस्यों ने रिजल्ट जारी करने से पहले फाइल पर लिखित आपत्ति दर्ज करते हुए उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद आयोग ने 19 जून (शुक्रवार) को इस परीक्षा के परिणाम जारी कर दिया, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। सहायक लोक अभियोजक परीक्षा के 134 नियमित पदों के लिए विज्ञापन संख्या 06/2025 के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती के लिए आवेदन 29 जून से 21 जुलाई 2025 तक लिए गए थे, जबकि प्रारंभिक परीक्षा 20 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के लगभग छह महीने बाद 19 जून को PT का परिणाम जारी किया गया, जिसमें 2515 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया।

दो सदस्यों की असहमति के बावजूद परिणाम जारी

मिली जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा के परिणाम जारी करने से पहले JPSC के दो सदस्यों ने लिखित रूप से आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि परिणाम विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तों और प्रावधानों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है। दोनों सदस्यों ने फाइल पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया। JPSC नियमों के मुताबिक किसी भी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले परीक्षा नियंत्रक को आयोग के सदस्यों की सहमति प्राप्त करनी होती है। ऐसे में दो सदस्यों की असहमति के बावजूद परिणाम जारी किए जाने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। APP भर्ती के विज्ञापन में विधि स्नातक डिग्री (LLB) के साथ कंप्यूटर संचालन की योग्यता को अतिरिक्त अर्हता के रूप में शामिल किया गया था। विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि केवल राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान का कंप्यूटर प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।

राज्य के बाहर स्थित संस्थानों के कंप्यूटर प्रमाणपत्र प्रस्तुत

वहीं, मुख्य परीक्षा के लिए चयनित 2515 अभ्यर्थियों में अनारक्षित वर्ग के 902 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें से लगभग 830 अभ्यर्थी झारखंड के बाहर के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों ने राज्य के बाहर स्थित संस्थानों के कंप्यूटर प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया और उन्हें सफल भी घोषित कर दिया गया। JPSC के भीतर इसी मामले को लेकर सबसे अधिक आपत्ति दर्ज की गई है। इधर, APP परीक्षा के PT का परिणाम जारी होते ही कई अभ्यर्थियों ने JPSC से मांग की है कि मुख्य परीक्षा आयोजित करने से पहले कंप्यूटर प्रमाणपत्रों की वैधता और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने रखी जाए। उनका कहना है कि यदि पात्रता संबंधी शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया भविष्य में कानूनी विवादों में फंस सकती है। फिलहाल इस पूरे विवाद पर झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

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