द फॉलोअप डेस्क
झारखंड की गृह रक्षा वाहिनी में भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पूर्व कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव ने गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन विभाग के डीजी से लिखित शिकायत कर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2016 में रांची जिले में गृह रक्षा वाहिनी में नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन संख्या 01/2016 के तहत एक अभ्यर्थी सुधीर कुमार (पिता: स्व. सियाराम सिंह) ने आवेदन किया था। उनका क्रमांक 1286 था। आरोप है कि प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही सुधीर कुमार की मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद, उनके स्थान पर बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के चांढ़ गांव निवासी एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सुधीर कुमार बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गृह रक्षा वाहिनी में नामांकन करा लिया। बताया गया है कि उक्त व्यक्ति को गृहरक्षक संख्या 3713 भी आवंटित कर दिया गया और वह ड्यूटी तथा भत्तों का लाभ भी उठाता रहा।
शिकायत में इसे सुनियोजित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश करार दिया गया है। कैलाश प्रसाद यादव ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला तत्कालीन जिला समादेष्टा हरिहर सिंह मुंडा के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बजाय उन्हें ही दोषी ठहराते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। शिकायत में सुझाव दिया गया है कि मामले की जांच के लिए अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर मिलान, शारीरिक दक्षता परीक्षा के फोटो और वीडियो की समीक्षा, मास्टर चार्ट में दर्ज विवरण, आवासीय प्रमाण पत्र और पुलिस सत्यापन की गहन जांच कराई जाए। शिकायत में इस बात का भी उल्लेख है कि अभ्यर्थी का पता पूर्ण नहीं होने के बावजूद पुलिस सत्यापन कर दिया गया, जो एक गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। फिलहाल, विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शिकायत के बाद मामले के तूल पकड़ने की संभावना है। 