सिमडेगा
सिमडेगा जिले से मानव तस्करी का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का झांसा देकर कुरडेग थाना क्षेत्र की एक युवती को पहले दिल्ली ले जाया गया और फिर अलग-अलग दलालों के जरिए बेचते हुए आखिरकार भारत-पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के बाड़मेर में 3 लाख रुपए में उसका सौदा कर दिया गया। इस कैद के दौरान पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। पुलिस ने मामले का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सुनहरे भविष्य का झांसा
सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए DSP रणवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में कुरडेग थाना क्षेत्र के जेरवा गांव की एक युवती को पड़ोसी गांव के कुछ मानव तस्कर बेहतर नौकरी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर दिल्ली ले गए थे। वहां पहुंचने के बाद युवती को एक प्लेसमेंट एजेंसी के हाथों बेच दिया गया। इसके बाद दलालों का नेटवर्क सक्रिय हुआ और उन्होंने उसे मेरठ में किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया।
राजस्थान बॉर्डर पर बंधक बनाकर किया गया अत्याचार
मानव तस्करी का यह घिनौना खेल यहीं नहीं रुका। युवती को बाद में राजस्थान के बाड़मेर भेजा गया, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के समीप स्थित है। वहां उसे तीन लाख रुपए में बेच दिया गया। पुलिस ने बताया कि बाड़मेर में युवती को बंधक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया, जहां उसके साथ लगातार शारीरिक और मानसिक अत्याचार होता रहा। इसी प्रताड़ना के दौरान युवती ने एक बच्ची को भी जन्म दिया। जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तब पीड़िता ने किसी तरह अपनी मां से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत और पुलिस की तत्परता के बाद बेटी के सुरक्षित लौटने पर परिवार की आंखें भर आईं।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
DSP रणवीर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मानव तस्करी के इस रैकेट में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि नौकरी या शादी का झांसा देने वाले संदिग्ध लोगों से हमेशा सतर्क रहें। आस-पास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।