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जामताड़ा में जानलेवा हमले के मामले में सफीक-रफीक समेत 4 आरोपी दोषी करार, जेल और जुर्माने की सजा तय

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जामताड़ा 

जान से मारने की नीयत से मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी करने के एक मामले में जामताड़ा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण के न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले के चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने फतेहपुर थाना क्षेत्र के निवासी सफीक अंसारी और रफीक अंसारी को भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 326 के तहत दोषी पाया। इन दोनों को 5-5 साल के सश्रम कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 18 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला

वहीं, मामले के दो अन्य आरोपियों, फुरकान अंसारी और मिनाज अंसारी को अदालत ने 3-3 साल के कारावास और ₹3,000 जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर इन्हें 9 महीने की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। यह पूरा मामला फतेहपुर थाना कांड संख्या 7/2025 से जुड़ा हुआ है। घटना को लेकर पीड़ित अली हुसैन की पत्नी खातून बीवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज मामले के अनुसार, सभी आरोपियों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर अली हुसैन को बुरी तरह पीटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों और सबूतों को देखने के बाद 22 जून को ही इन चारों को दोषी करार दे दिया था। जिसके तहत यह अंतिम फैसला सुनाया गया।

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