रांची:
झारखंड कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से पहले एनडीए के सभी 24 विधायकों को होटल रेडिशन ब्लू में ठहराए जाने पर तंज करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र नहीं, बल्कि होटल तंत्र की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए को अपने विधायकों पर भरोसा है तो उनको होटल में एक साथ रखने की जरूरत क्यों पड़ी? आलोक दुबे ने कहा कि आखिर किस बात ने बीजेपी नेतृत्व को इतना डरा दिया है कि विधायकों को आमजन और मीडिया से दूर रखा जा रहा है। सियासी गलियारों में जारी चर्चा का हवाला देते हुए आलोक दुबे ने कहा कि कई विधायकों का फोन बंद आ रहा है। उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

परिमल नाथवानी और अमित शाह पर तंज
आलोक दुबे ने एनडीए समर्थित राज्यसभा प्रत्याशी परिमल नाथवानी पर ट्रेडिंग को लेकर तंज किया तो वहीं कहा कि अमित शाह हाईजैकिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को बताना चाहिए कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है या विधायकों की निगरानी का नया मॉडल। उन्होंने कहा कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। आलोक दुबे ने कहा कि जो भाजपा हमेशा खरीद-फरोख्त और राजनीतिक कदाचार का आरोप दूसरों पर लगाती है, वही आज अपने विधायकों को होटल में समेटकर बैठी है।

एनडीए विधायक खुलकर सामने आ जाएं!
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यदि हालात सामान्य हैं तो विधायकों को खुलकर जनता के सामने आने दिया जाना चाहिए। उनका फोन चालू रहने दिया जाए और उन्हें स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह घबराहट और बंद कमरे की राजनीति, एनडीए में अविश्वास की बात को उजागर करती है। आलोक दुबे ने कहा कि झारखंड की जनता लोकतंत्र को होटल के कमरों में कैद करने की राजनीति को समझ रही है, इसका जवाब उचित समय आने पर जरूर देगी।