रांची
पेपर लीक और छात्रों से शिक्षा के मौलिक अधिकार को छीनने के खिलाफ देश भर में जारी छात्र-युवा आंदोलन को झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच ने समर्थन दिया है। मंच ने कहा कि हम सभी झारखंड आंदोलनकारी छात्र-युवाओं के आंदोलन के साथ हैं। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज, टियर गैस के गोलों और पुलिस की टीम के साथ संघी गुंडों द्वारा हमले का कड़ा विरोध करते हैं। लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल झारखंड की बेटी साक्षी के समुचित इलाज, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और 50 लाख मुआवजे की मांग करते हैं। राष्ट्रपति अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए स्थिति सामान्य बनाने की दिशा में धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह को बर्खास्त करें। वरना नेपाल और श्रीलंका की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है। कहा कि अस्पताल के बेड पर भी आज तक 25वें दिन अनशन कर रहे पर्यावरणविद सोनम वांगचुंग और आइसा के छात्र नेता नेहा, मनीष और अमीन की मांगों पर त्वरित वार्ता करते हुए समाधान निकालें।

आपात बैठक आयोजित कर स्थिति पर चर्चा की
झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच के स्टीफन किंडो, बदरी सिंह, सीताराम उरांव, जगदीश लकड़ा, गौतम कुमार बोस, अली हसन, दिनेश राम, हरेन्द्र महतो, मोहम्मद आबिद और भुवनेश्वर केवट ने कहा कि लापरवाही से कोई अनिष्ट घटना हुई तो झारखंड के आंदोलनकारी चुप नहीं बैठेंगे। झारखंड सरकार से भी मंच ने अपील की है कि साक्षी के स्वास्थ्य की प्रॉपर देखरेख अपनी निगरानी में करें। झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच के नेताओं ने आज धुर्वा में आपात बैठक आयोजित कर स्थिति पर चर्चा की। साथ ही छात्र-युवाओं के आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया।
