जामताड़ा
जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत काली पहाड़ी गांव में मंगलवार को जमीन विवाद ने बेहद हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड का जमकर इस्तेमाल किया गया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग लहूलुहान हो गए। सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए PMCH धनबाद रेफर कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की जड़ मामा की जमीन का पुराना विवाद बताया जा रहा है।

लोहे की रॉड से जानलेवा हमला
पहले पक्ष के घायलों में कुमुद कुमार साव, विकास कुमार साव, चेतलाल साव, केतानी देवी और गुड़िया देवी शामिल हैं, जो पड़ोसी जिले गिरिडीह के मोहनपुर गांव के रहने वाले हैं। इन घायलों का आरोप है कि काली पहाड़ी स्थित उनके मामा की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने लामबंद होकर उन पर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला बोल दिया। वहीं, दूसरी ओर से काली पहाड़ी गांव के ही निवासी कुसुम देवी, छात्रधारी प्रसाद और धनेश्वर मंडल भी इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी आठों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नारायणपुर में भर्ती कराया गया।
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किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला
यहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पहले पक्ष के विकास कुमार साव तथा दूसरे पक्ष की कुसुम देवी और छात्रधारी प्रसाद की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें धनबाद रेफर कर दिया। इस वारदात के बाद से इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। इधर, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन ने बताया कि फिलहाल सभी घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।