जामताड़ा
जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की मिहिजाम शाखा से वित्तीय धोखाधड़ी और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत कराकर लाखों रुपये का गबन कर लिया गया और अब पीड़ित ग्रामीणों को ही कुर्की-जब्ती की धमकी भरे बैंक नोटिस भेजे जा रहे हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मिहिजाम थाना पुलिस ने पीड़ित ग्रामीणों की लिखित शिकायत के आधार पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक (BRANCH MANAGER) और दो सीएसपी (CSP) संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि इस पूरे घोटाले को 'द फॉलोअप' ने ही सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित कर उजागर किया था।
जामताड़ा में किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर 25.20 लाख रुपये की ठगी, 42 किसानों को बैंक ने भेज दिया है कुर्की-जब्ती का नोटिस pic.twitter.com/iypqf8jOvl
— The Followup (@The_FollowUp) July 17, 2026
क्या है पूरा मामला
आसनचुआं (उदलबनी पंचायत) निवासी 54 वर्षीय सुरेश प्रसाद महतो द्वारा मिहिजाम थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, वर्ष 2020-2021 (01 नवंबर 2021) में उन्होंने KCC लोन के लिए आसनचुआं स्थित BOI के CSP संचालक विमल चन्द्र महतो के माध्यम से अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे। सुरेश प्रसाद महतो की तरह ही आसपास के विभिन्न गांवों के 25 से अधिक ग्रामीणों ने आसनचुआं CSP संचालक तथा गोराईनाला स्थित CSP संचालक तिलोचन मंडल के माध्यम से KCC फॉर्म भरा था। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय बैंक ऑफ इंडिया मिहिजाम शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने उन्हें भरोसा दिया था कि दस्तावेज जमा होने के बाद जल्द ही सभी के खातों में KCC लोन की राशि भेज दी जाएगी। बैंक मैनेजर और CSP संचालकों के इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने फॉर्म भरकर उनके पास जमा कर दिए।

संपत्तियों की कुर्की-जब्ती से हड़कंप
पीड़ितों का गंभीर आरोप है कि लोन प्रक्रिया पूरी होने के बाद न तो उन्हें कभी KCC खाता संख्या दी गई और न ही लोन की कोई रकम उनके बैंक खातों में पहुंची। लेकिन 06 जुलाई 2024 से मिहिजाम शाखा द्वारा अचानक ग्रामीणों के घरों पर लोन बकाए के नोटिस भेजे जाने लगे। बैंक द्वारा भेजे गए नोटिस में किसी ग्रामीणों पर ₹56,000, किसी पर ₹60,000 तो किसी पर ₹70,000 का बकाया दिखाया गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि बकाया राशि का जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो उनकी संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की जाएगी। अचानक आए इन नोटिस से निर्दोष ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया और वे ठगी के शिकार हो गए। ग्रामीणों की शिकायत पर मिहिजाम पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बैंक रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच
जिसमें मिहिजाम थाना कांड संख्या 51/26 दर्ज किया गया है दर्ज धाराओं में धारा 318(4) धोखाधड़ी एवं छल करना (Cheating), धारा 316(5) वित्तीय आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust), धारा 61(1) आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में नामजद आरोपियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक (Bank Manager), BOI मिहिजाम शाखा, विमल चन्द्र महतो (CSP संचालक, आसनचुआं) और त्रिलोचन मंडल (CSP संचालक, गोराईनाला) शामिल है। शिकायतकर्ता सुरेश प्रसाद महतो और अन्य पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि फर्जीवाड़े में शामिल तत्कालीन बैंक मैनेजर और दोनों CSP संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही निर्दोष ग्रामीणों को इस फर्जी लोन और कुर्की के मानसिक व वित्तीय तनाव से तुरंत राहत दिलाई जाए। मामले पर मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।