जामताड़ा
जामताड़ा में जान से मारने की नीयत से मारपीट करने और गंभीर रूप से जख्मी करने के एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण के न्यायालय में इस मामले की अंतिम सुनवाई पूरी की गई, जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और पेश किए गए सबूतों को गहराई से परखने के बाद मामले के चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषी पाए गए आरोपियों में फतेहपुर थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव निवासी फुरकान अंसारी, शरीफ अंसारी, रफीक अंसारी और मिनाज अंसारी शामिल हैं। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए मंडल जेल भेज दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद पैसों के लेन-देन और सामान की डिलीवरी न होने से जुड़ा है। आरोपियों के खिलाफ फतेहपुर थाना कांड संख्या 7/2025 के तहत मामला दर्ज था। दर्ज FIR के अनुसार, पीड़ित अली हुसैन ने आरोपियों को पलंग और दरवाजा बनाने के लिए 55,000 रुपये का एडवांस दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने सामान बनाकर नहीं दिया। 2 मार्च 2024 को जब अली हुसैन अपने पैसे वापस मांगने गए, तो आरोपियों ने उन पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में अली हुसैन गंभीर रूप से जख्मी होकर घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी खातून बीवी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और बाद में पुलिस में मामला दर्ज कराया।
आज कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से कोर्ट के सामने रखा और कुल नौ गवाहों को पेश किया। गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने चारों को दोषी माना। अदालत अब इस मामले में दोषियों को दी जाने वाली सजा के बिंदु पर 23 जून को अपना फैसला सुनाएगी।