द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा को देवघर से जोड़ने वाली दक्षिणबहाल जोरिया पर करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बना एप्रोच मार्ग और डायवर्सन पुल पहली ही बारिश में पूरी तरह फेल साबित हो गया है। मंगलवार से जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां और जोरिया उफान पर हैं, जिससे नए बने इस पुल की पोल खोलकर रख दी है। पानी के तेज बहाव से जामताड़ा की ओर से पुल पर चढ़ने से ठीक पहले एप्रोच सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई है, जिससे सड़क का हिस्सा अंदर से पूरी तरह खोखला हो चुका है। इसके अलावा, डायवर्सन पुल के ऊपरी हिस्से में कई जगह हल्की-हल्की दरारें भी साफ दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महज 6 महीने पहले बने पुल की ऐसी बदहाली साफ दर्शाती है कि निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

बड़े हादसे का अंदेशा, ठप्प हो सकता है आवागमन
ग्रामीणों के अनुसार, यदि इस क्षतिग्रस्त मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा, तो एप्रोच सड़क के साथ-साथ डायवर्सन पुल के भी धंसने की पूरी आशंका है। इससे न केवल जामताड़ा-देवघर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा, बल्कि किसी बड़े हादसे की संभावना भी बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सोमवार रात बारिश के दौरान पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। वर्तमान में पानी पुल के नीचे महज एक से डेढ़ फीट की गहराई पर बह रहा है। यदि क्षेत्र में लगातार बारिश जारी रही, तो जलस्तर बढ़ते ही दोबारा पुल के ऊपर से पानी बहने लगेगा, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाएगी।

प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और निरीक्षण की मांग
पुल और एप्रोच रोड के विजुअल व तस्वीरें इसकी जर्जर स्थिति की गवाही दे रहे हैं। ग्रामीणों और राहगीरों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से तुरंत दक्षिणबहाल जोरिया डायवर्सन का स्थलीय निरीक्षण करने, भारी वाहनों को रोकने के लिए बेरिकेडिंग करने और जल्द से जल्द सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की गुहार लगाई है।