द फॉलोअप, रांची
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने अस्पताल प्रबंधक के चयन में हुई भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, उप सचिव ध्रुव प्रसाद और प्रशाखा पदाधिकारी माधवी को शामिल किया गया है। संदीप कुमार दोराईबुरू को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ध्रुव प्रसाद और माधवी सदस्य होंगी। यह समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक के आदेश संख्या-2577 (MD), दिनांक 20 अगस्त 2026 के तहत चयनित एवं अनुशंसित 126 अभ्यर्थियों के मामले में जांच करेगी। आदेश में कहा गया है कि समिति इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी और अपनी जांच रिपोर्ट 2 सितंबर 2026 तक विभाग को सौंपेगी। समिति को मामले से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

चयन सूची पर क्या है सवाल और भ्रष्टाचार के आरोप
झारखंड में अस्पताल प्रबंधक (Hospital Manager) पद पर चयन को लेकर अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के समक्ष गंभीर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर चयनित सूची में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और योग्य अभ्यर्थियों को अंतिम सूची में शामिल करने की मांग की है। अभ्यर्थियों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधक पद के लिए विज्ञापन संख्या 01/2025 (HM) 1646MD, दिनांक 02 मार्च 2026 के विरुद्ध आवेदन किया गया था। इसके बाद विभाग के 12 जून 2026 और 21 जुलाई 2026 के पत्रों के माध्यम से अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अलग-अलग तिथियों पर साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद विभाग की ओर से 20 अगस्त 2026 को Provisional List जारी की गई। अभ्यर्थियों ने इस सूची को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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उम्र और अनुभव को लेकर सवाल
पत्र में दावा किया गया है कि चयन सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थियों की उम्र और अनुभव निर्धारित मानकों के अनुरूप होने को लेकर सवाल हैं। उदाहरण के तौर पर UR Category में क्रमांक 48 के जितेंद्र कुमार का उल्लेख किया गया है। पत्र के मुताबिक उनकी जन्मतिथि 21 जनवरी 1983 है और कटऑफ तिथि के अनुसार उनकी उम्र 42 वर्ष 6 माह 11 दिन बताई गई है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि उन्हें चयन सूची में किस आधार पर शामिल किया गया। इसी तरह Muskan Bharti, Mamta Kumari, Shirsty Singh और Ravindra Kumar के नामों का भी पत्र में उल्लेख करते हुए उनकी उम्र तथा पीजी डिग्री के साथ आवश्यक न्यूनतम अनुभव को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
आरक्षण और मेरिट पर भी आपत्ति
अभ्यर्थियों ने निरंजन कुमार के चयन को लेकर भी सवाल उठाया है। पत्र के अनुसार वे OBC श्रेणी से संबंधित हैं, लेकिन उम्र सीमा में आरक्षण का लाभ लेने के बाद उन्हें अंतिम सूची में UR Category में रखा गया है। इस पर भी अभ्यर्थियों ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा BC-2 और BC-1 श्रेणी के कई अभ्यर्थियों के नामों का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि उनका Academic नंबर कम होने के बावजूद उन्हें चयन सूची में शामिल किया गया। पत्र में चयनित अभ्यर्थियों को मिले Education, Experience और Interview के अंकों को भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
योग्य अभ्यर्थियों को अंतिम सूची में शामिल करने की मांग
अभ्यर्थियों ने विभाग से इन सभी बिंदुओं पर आवश्यक जांच कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जांच के बाद यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसके स्थान पर योग्य अभ्यर्थियों को Hospital Manager पद की Final List में शामिल किया जाए। अभ्यर्थियों ने पत्र के माध्यम से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी उम्मीदवारों के लिए समान मानदंड लागू करने की मांग की है। फिलहाल, पत्र में लगाए गए आरोपों पर विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




