जामताड़ा
जामताड़ा समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीण विकास, सिंचाई, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राजस्व समेत जिले के सभी तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों की संचालित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के प्रति उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया और उन्हें स्पष्टीकरण (शो-कॉज) नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि इस समन्वय समिति का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल बिठाकर विकास कार्यों में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनों को दूर करना है।
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किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उन्होंने अधिकारियों को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए कहा अगर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो बैठक के दौरान सीधे हमारे समक्ष रखें और विमर्श करें। लेकिन सौंपे गए दायित्वों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी सुधार लाएं और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। हाल ही में अन्य जिले में हुई एक घटना को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त ने सर्वजन पेंशन योजना के रिकॉर्ड का प्राथमिकता के आधार पर पुनः सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने इस डेटा की रैंडम जांच के लिए भी जरूरी गाइडलाइंस जारी कीं। बैठक में बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मिहिजाम थाना भवन के निर्माण के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अंचल अधिकारी (CO) को शहरी क्षेत्र में उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। नगर पंचायत जामताड़ा के नए भवन और मल्टीपर्पस हॉल के निर्माण के लिए स्थल का चयन पूरा कर लिया गया है। नवनिर्मित अनुमंडल कार्यालय में विभागों की शिफ्टिंग को लेकर जायजा लिया गया और फर्नीचर व बिजली से जुड़े शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया।

मासिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए
बरबेंदिया पुल से प्रभावित रैयतों के मुआवजा भुगतान में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने और डीवीसी (DVC) से फॉलोअप करने का निर्देश दिया गया। वहीं बच्चों और आम जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी आवासीय विद्यालयों में पढ़ रही बच्चियों की पाक्षिक (15 दिनों में) और मासिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए। इसके लिए एसओपी (SOP) के तहत अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए बच्चों की मेडिकल बुक संधारित करने को कहा गया। इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति में तेजी लाने के लिए एक प्रभावी माइक्रोप्लान तैयार कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक के अंत में उपायुक्त ने आगामी 28 से 30 जून तक आयोजित होने वाले प्लस पोलियो अभियान की सफलता को लेकर समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग को मुस्तैद रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के जरिए शत-प्रतिशत लक्षित बच्चों को पोलियोरोधी खुराक देना सुनिश्चित किया जाए।