जमशेदपुर
डिजिटल अरेस्ट का नाम पर चंडीगढ़ के एक रिटायर्ड बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ CBI की टीम ने जमशेदपुर के परसुडीह से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम पहुंचने और कमीशन लेकर राशि निकालने के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में बैंक खातों, सिम कार्ड और साइबर गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों की भी जांच जारी है।
परसुडीह में देर रात CBIकी छापेमारी, टी शरत गिरफ्तार
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर चंडीगढ़ के रिटायर्ड बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में CBI ने कार्रवाई तेज कर दी है। CBI चंडीगढ़ की टीम ने मंगलवार देर रात परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह नायडू बिल्डिंग स्थित मकान नंबर-113 में छापेमारी कर एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान टी शरत के रूप में हुई है। CBI टीम उसे रांची स्थित CBI कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ ले जाने की तैयारी कर रही है।
आरोपी के खाते में पहुंची थी ठगी की रकम
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम का एक हिस्सा टी शरत के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने रिटायर्ड अभियंता को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की थी। ठगी की रकम में से लगभग 1.50 लाख रुपये टी शरत के खाते में पहुंचे थे। 
दो प्रतिशत कमीशन लेकर निकालता था रकम
CBIके अनुसार, साइबर अपराधियों ने टी शरत को कमीशन का लालच दिया था। उसके खाते में आई राशि निकालने के एवज में वह दो प्रतिशत कमीशन लेता था। जांच के दौरान उसके खाते से करीब 60 अलग-अलग बैंक खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। इससे एजेंसी को साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क की आशंका और मजबूत हुई है। .jpeg)
राजदीप से भी हुई पूछताछ, बाद में छोड़ा गया
इससे पहले मंगलवार सुबह CBI टीम ने गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुइलाडुंगरी स्थित सरस्वती नगर में छापेमारी कर राजदीप नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड राजदीप सिंह उर्फ अर्जुन सिंह के नाम से जारी था। इसी आधार पर CBI टीम ने उससे पूछताछ की थी। CBIकी टीम लगातार बैंक खातों, सिम कार्ड और साइबर नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दायरे में आने वाले लोगों की भूमिका और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है।