logo

रांची में आज निकलेगी महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, सुबह 3 बजे से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; 25 जुलाई तक चलेगा मेला

RATH0028.jpg

द फॉलोअप डेस्क

रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आज से विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महापर्व और रथ मेले की शुरुआत हो गई है। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा आज शाम 5 बजे निकलेगी। इससे पहले भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही मंदिर पहुंचने लगे। अहले सुबह तक भक्तों की कतार करीब दो किलोमीटर लंबी हो गई, जबकि अब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई। बुधवार को भगवान के 15 दिनों के एकांतवास के बाद नेत्रदान की परंपरा पूरी की गई थी। इसके बाद भगवान ने भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर परिसर में 108 दीपों से भव्य मंगल आरती हुई और भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया। सुबह 5 बजे से श्रीविग्रहों का दर्शन शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।

रथ पर सवार रहेंगे राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत 13 लोग

रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर कुल 13 लोग ही सवार रहेंगे। इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एवं एक अन्य जस्टिस, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव और चार पुजारी शामिल हैं। रथ के पहियों के पास केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही रहने की अनुमति दी गई है। दोपहर 2 बजे दर्शन बंद होने के बाद श्रीविग्रहों को रथ तक लाया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे भगवान को रथ पर विराजमान कराया जाएगा और 2:30 से 3 बजे तक उनका विशेष श्रृंगार होगा। इसके बाद 3 बजे श्री विष्णु लक्षार्चना और शाम 4:30 बजे अष्टकम गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा।

शाम 5 बजे शुरू होगी रथयात्रा, 25 जुलाई को होगी घुरती रथयात्रा

तय कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा शुरू होगी। हजारों श्रद्धालु धर्मरथ खींचते हुए भगवान को मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। शाम 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा और 6:46 से 7 बजे के बीच भगवान का मौसीबाड़ी में प्रवेश कराया जाएगा। रात 8 बजे 108 दीपों से मंगल आरती के बाद भगवान का शयन कार्यक्रम संपन्न होगा। रथयात्रा के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक रथ मेला भी शुरू हो गया है। इसके बाद 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे।

2000 पुलिस जवान, 215 सीसीटीवी और चार ड्रोन से सुरक्षा व्यवस्था

रथयात्रा और मेले को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 2000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा आयोजन समिति की ओर से 100 निजी सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ पर नजर रखने के लिए पूरे क्षेत्र में 215 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा चार ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

25 जुलाई तक लागू रहेगी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था, कई मार्गों पर नो-एंट्री

रथयात्रा और मेले को देखते हुए आज से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है। बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे, जबकि तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है। रिंग रोड से आने वाले भारी और हल्के वाहन तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा मैदान के मुहाने से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और बाइक की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बिरसा चौक से रिंग रोड जाने वाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होकर भेजा जाएगा। एचईसी और विधानसभा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Tags - Jagannathpur Rath Yatra Ranchi Jharkhand Lord Jagannath Traffic Advisory