द फॉलोअप डेस्क
राज्य के नगरपालिका, नगर निगम, निकायों में सेवा के दौरान मरने वाले कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देने के लिए नगर विकास विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इसके साथ ही इस दौरान लापता नगरपालिका कर्मी को लेकर भी एक विशेष तैयारी की गई है। जिसे लेकर कहा गया है कि अगर कोई नगरपालिका कर्मी 7 साल से ज्यादा वक्त तक गायब रहे तो सक्षम कार्यलस द्वारा उन्हें सिविल डेथ घोषित कर दिया जाएगा। डेथ घोषित कर देने के बाद ही आश्रित अनुकंपा कर नौकरी के लिए अनुरोध कर सकते है। लेकिन इसके लिए भी दो साल का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि अन्य मामलों की तरह लापता नगरपालिका कर्मी के मामले में भी अनुकंपा पर नियुक्ति अधिकार का मामला नहीं होगा।
लगाए गए है कई शर्त
अनुकंपा पर होने वाली नियुक्ति पर दहेज नहीं लेने सहित अन्य कई शर्ते भी रखी गयी है। इसके साथ ही पागल, दिवालिया घोषित, संज्ञेय अपराध करने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी। आवेदन भरने के लिए शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्र सहित कई कागजातों की मांग की जाएंगे। जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में अनुकंपा समिति होगी। जिसमें डीडीसी, शहरी निकाय के अधिकारी, समाजसेवी, जिला कल्याण पदाधिकारी सदस्य होंगे इनकी अनुशंसा पर नियुक्ति होगी। यह नियुक्ति निकाय स्तर पर होगी लेकिन वेतन भत्ते का बोझ सरकार नहीं बल्कि निकाय को स्वयं उठाना होगा।
कौन पा सकते हैं नौकरी
क्यों बनाई गए ऐसी योजना
बता दें कि अन्य मामलों की तरह लापता नगरपालिका कर्मी के मामले में भी अनुकंपा अधिकार का मामला नहीं होगा। पालिका द्वारा ऐसा फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि राज्य में पूर्व में कार्मिक विभाग के द्वारा बनाये नियम पर अनुकंपा पर नियुक्ति होती थी, लेकिन बाद में इस आदेश को कार्मिक विभाग ने हटा दिया। जिसके बाद नगर निकायों, बोर्ड, निगम इत्यादि में अनुकंपा पर होने वाली नियुक्ति रूक गई। निकायों द्वारा नगर विकास विभाग से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया था जिसके बाद नगर विकास विभाग ने अपने अधीन निकायों के लिए नई योजना तैयार की है।
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