रांची
जेएमएम ने भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आशंका जाहिर है कि सूबे में होनेवाले राज्यसभा चुनाव में वोटों की खरीद-बिक्री यानी हॉर्स ट्रेडिंग हो सकती है और इसके लिए भाजपा तैयारी कर रही है। मोर्चा की ओर से लिखे गये पत्र में कहा गया है कि वर्तमान विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 तथा भाकपा (माले) के 2 सदस्य हैं। कुल 56 विधानसभा सदस्य के रूप में ये निर्वाचित हुए। चारो विधायक दलों ने सर्वसम्मती से हेमंत सोरेन को संयुक्त विधायक दल का नेता निर्वाचित किया है। मोर्चा ने पत्र में आगे कहा है, राज्यसभा के लिए प्रस्तावित उम्मीदवारों को न्यूनतम 28 विधायकों की पहली वरीयता का मत मिलने से वह विजयी होता है। अतः 56 सदस्यों का हमारे बीच होने से दो राज्यसभा का निर्वाचित सदस्य होना सुनिश्चित है।

भाजपा के पास 21 विधायक, चाहिये 28
विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के कुल 21 विधायक हैं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु और सांसद ने घोषणा किया है कि प्रस्तावित अगामी 18 जून के राज्यसभा निर्वाचन में वे अपना उम्मीदवार उतारेंगे। इससे बड़े पैमाने पर विधायकों को आर्थिक प्रलोभन, अनैतिक वाह्य दबाव उत्पन्न कर तथा भयादोहन कर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। इसे रोका जाना चाहिये।
मोर्चा ने आयोग से आग्रह किया है कि राज्यसभा के मतदान में भ्रष्टाचार एवं भयमुक्त वातावरण निर्माण के लिए सजग हो कर पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारत सरकार के अधिनस्थ केन्द्रीय अन्वेशन ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व खुफिया निदेशालय, केन्द्रीय सतर्कता आयोग तथा राज्य सरकार के अधीन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (झारखण्ड) को आवश्यक सर्तकता के साथ सक्रिय तौर पर सर्तक रहने का निर्देशन दिया जाये।
