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रकीबुल ने तारा को प्रतिबंधित मांस खिलाया, कुत्ते से कटवाया; CBI की चार्जशीट में खौफनाक खुलासे

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द फॉलोअप डेस्क
नेशनल शूटर तारा शाहदेव मामले में सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट में खौफनाक खुलासे किए गए हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि तारा शाहदेव और रकीबुल हसन की शादी जुलाई 2014 में साजिश के तहत हुई थी। तारा शाहदेव ने आरोप लगाया था कि रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन ने शादी के वक्त यह बात छिपाई थी कि वह मुस्लिम हैं। शादी के चार-पांच दिन बाद मुश्ताक अहमद के घर पर इफ्तार पार्टी रखी गई थी। इस इफ्तार पार्टी में तारा शहदेव को जबरन प्रतिबंधित मांस खिलाया गया। साथ ही धर्मांतरण का दबाव बनाया गया और उनसे हिंदू धर्म के बारे में अनाप-शनाप कहने को कहा गया था।


विरोध करने पर की जाती थी मारपीट
तारा शाहदेव जब रकीबुल का विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। उसे कमरे में बंद कर दिया जाता था। इतना ही नहीं कुर्ता ब्रूनो से कटवाया जाता था। लव जिहाद मामले में तीनों आरोपियों पर सोची-समझी साजिश के तहत तारा शाहदेव के साथ मारपीट करने, धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप था। उस वक्त क्रूरता के आरोप के आधार पर तारा शाहदेव ने तलाक की भी मांग की थी। जिसके बाद रांची की एक फैमिली कोर्ट ने तलाक लेने की मंजूरी दे दी थी।


22 मार्च 2015 को सीबीआई को किया गया केस ट्रांसफर 
बता दें कि तारा को प्रताड़ित करने के मामले में रांची के हिंदपीढ़ी में 19 अगस्त 2014 को  मामले को दर्ज कराया गया था। इसके बाद झारखंड सरकार ने 22 मार्च 2015 को सीबीआई को केस ट्रांसफर किया था। CBI की ओर से 25 फरवरी को गवाही पूरी कर ली गई थी। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों का बयान दर्ज कर लिया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने अपने बचाव में गवाही दी। मामले में 2 जुलाई 2018 को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किया गया था। इस दौरान सीबीआई की ओर से 26 गवाहों को प्रस्तुत किया गया।  घटना को लेकर शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई थी। बाद में परिजन सीबीआई जांच की मांग लेकर हाईकोर्ट गए। जहां झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 2015 में केस टेकओवर करते हुए जांच शुरू की थी।

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