द फॉलोअप डेस्क
सिल्ली से सटे हेसाहातु गांव में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का धुआं एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गया। गुरुवार रात खाना खाने के बाद अशोक दत्ता (47), उनकी पत्नी लक्ष्मी दत्ता (42), बेटी ब्यूटी दत्त (14) और बेटा महावीर दत्त (12) एक ही कमरे में सोने चले गए थे। कमरे में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती जलाई गई थी और खिड़कियां पूरी तरह बंद थीं। रातभर धुआं कमरे में जमा होता रहा, जिससे चारों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।

सुबह दरवाजा खुला तो बेहोश मिले परिवार के सदस्य
सुबह करीब नौ बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर बाहर मौजूद लोगों को चिंता हुई। दरवाजा खुलवाने की कोशिश के दौरान 12 वर्षीय महावीर किसी तरह दरवाजा खोलने में सफल रहा। कमरे के अंदर परिवार के बाकी सदस्यों को बेहोश देखकर लोगों ने तत्काल चारों को झालदा सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद तीन एंबुलेंस से सभी को मुरी के सिंगपुर नर्सिंग होम लाया गया।

तीन सदस्य वेंटिलेशन पर, बेटे की हालत स्थिर
सिंगपुर नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. रमनेश प्रसाद के अनुसार, अस्पताल लाए जाने के समय चारों की हालत गंभीर थी। इलाज के बाद महावीर दत्त को होश आ गया और उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। वहीं अशोक दत्ता, लक्ष्मी दत्ता और ब्यूटी दत्त की हालत गंभीर बनी हुई है और तीनों को वेंटिलेशन पर रखा गया है। घटना के बाद इलाके में भी चिंता का माहौल है।