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हेमंत सोरेन ने पूर्वी परिषद की बैठक में उठाया सहारा निवेशकों का मुद्दा, बोले- झारखंड के लोगों का 40 हजार करोड़ फंसे हैं

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रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को रांची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक में सहारा इंडिया में फंसे झारखंड के निवेशकों की चिंता जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा कि सहारा समूह की धोखाधड़ी का शिकार झारखंड के 30 हजार से ज्यादा लोग हुए हैं, जिन्होंने कुल मिलाकर करीब 40 हजार करोड़ रुपये जमा किए थे। लेकिन परिपक्वता की अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें एक पैसा नहीं मिला।


सीआईडी ने दर्ज की है एफआईआर, डीजीपी कर चुके हैं बैठक
बता दें कि राज्य में सहारा समूह से जुड़े निवेश घोटाले को लेकर पहले से ही जांच चल रही है। फरवरी 2025 में झारखंड पुलिस की अपराध जांच शाखा (CID) ने “ई-स्कूट रेंटल सॉल्यूशंस” नामक योजना से संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला भारती जनसेवा संस्थान की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
इसके बाद पुलिस मुख्यालय में डीजीपी अनुराग गुप्ता की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक भी हुई थी, जिसमें निर्देश दिया गया था कि सहारा इंडिया से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल कर कार्रवाई की जाएगी।
इस एफआईआर में सहारा प्रमुख सुब्रत राय की पत्नी सपना राय, निदेशक ओपी श्रीवास्तव, झारखंड के निदेशक नीरज कुमार पाल और रांची जोनल हेड संजीव कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है।


निवेशकों को उम्मीद, रकार गंभीर है
मुख्यमंत्री द्वारा इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष रखने और पुलिस द्वारा तेज़ कार्रवाई की पहल से सहारा इंडिया में फंसे हजारों निवेशकों में उम्मीद जगी है। निवेशक लंबे समय से अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब जबकि राज्य सरकार इस मसले को केंद्रीय मंच पर उठा रही है, पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद और प्रबल हो गई है।

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