द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को गिरिडीह में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्धकर्म में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू का निधन JMM के लिए बहुत बड़ी क्षति है और इसकी भरपाई करना कठिन है। बतौर मंत्री उनकी सक्रियता किसी से छिपी नहीं थी। हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य सोनू में समाज और राज्य के प्रति जिम्मेदारियों को मजबूती से अपने कंधे पर उठाने का हौसला और जुनून था। उन्होंने लंबे समय तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को दिशा देने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी मन यह मानने को तैयार नहीं है कि सुदिव्य सोनू अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन विधि के विधान को न तो टाला जा सकता है और न ही बदला जा सकता है। इसी विधानचक्र के साथ सभी को आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी निश्चित रूप से सुदिव्य सोनू की ऋणी रहेगी।

दलगत भावना से ऊपर उठकर पहुंचे लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्राद्धकर्म में कई लोग दलगत भावना से ऊपर उठकर शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू की अंतिम यात्रा से लेकर अब तक उन्होंने जो देखा और सुना, उससे यह स्पष्ट है कि वह ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने पार्टी के साथ-साथ सभी वर्गों के लोगों की समस्याओं और उनकी पहचान को लेकर आगे बढ़ने का काम किया। हेमंत सोरेन ने कहा कि दुख की इस घड़ी में सभी लोग सुदिव्य सोनू के परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने लोगों से प्रार्थना करने की अपील की कि भगवान दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू भले ही अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन एक मिसाल के तौर पर हमेशा कायम रहेंगे।