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अवैध अतिक्रमण से निर्मित संरचनाओं को युद्ध स्तर पर ध्वस्त करें अधिकारीः हेमंत सोरेन

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द फॉलोअप, रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि शहरों की नदियां, तालाब, डैम, नाले और अन्य जलस्रोत झारखंड की जीवनरेखा हैं। इन पर अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज शहरी विकास और आवास विभाग की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शहरों से गुजरने वाले सभी नदियों, नालियों, तालाबों और डैम अथवा अन्य जलस्रोत क्षेत्रों पर बने अवैध मकान एवं अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल बंद कराएं एवं पूर्व से बने अवैध घरों को अतिक्रमण मुक्त कराएं।

अतिक्रमण कर जो घर बनाए गए हैं, उनका तत्काल गहन सर्वे कराएं। साथ ही शहरी निकायों में अवस्थित नदी अथवा अन्य जलस्रोतों में हुए अवैध निर्माण को चिन्हित करते हुए लिखित नोटिस करने, अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं अवैध अतिक्रमण कर निर्मित अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर करें। नदी किनारे और अन्य जलस्रोत क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर घर बनाना पर्यावरण और जल निकासी के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के कार्य क्षमा योग्य ही नहीं है, साथ ही ऐसे कार्य करने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी-कार्रवाई करने हेतु भी निर्देश दिया है।उन्होंने राज्यवासियों से भी अपील की। कहा, जलस्रोत क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण कर किसी प्रकार की संरचना तैयार न करें। झारखंड की प्रकृति, पर्यावरण और भविष्य की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नगर विकास और आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जा सके। इसके तहत रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता देने तथा शहरी विकास की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ राजस्व संग्रहण के संसाधनों पर विशेष कार्य करने को कहा गया है। रांची के कांके डैम के संरक्षण के लिए ठोस कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत डैम में सीधे गिरने वाले नालों को बंद करने, कैचमेंट एरिया की मापी कर घेराबंदी करने तथा लोगों को गंदा पानी डैम में न बहाने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। साथ ही, शहरों के शत-प्रतिशत घरों में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिंग रोड पर सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीक
रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करने और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव 15 दिनों में कैबिनेट से पारित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा रिंग रोड क्षेत्र में वाटर व सीवर पाइपलाइन बिछाने तथा शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक शहरी नियोजन तकनीकों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों के घरों, सोसायटियों, होटलों और अपार्टमेंटों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था करने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। रांची के झिरी स्थित कचरे के पहाड़ (Legacy Waste) के निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने तथा लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, मानसून से पहले सड़क किनारे के पेड़ों की ट्रिमिंग करने का भी निर्देश दिया गया है।परियोजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी योजनाओं की समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, बैठक में राजमहल, साहिबगंज और धनबाद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की भी ऑनलाइन समीक्षा की गई।
 

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