हजारीबाग
राजधानी रांची के कोकर क्षेत्र से करीब 45 दिनों से लापता हुई 18 माह की मासूम बच्ची अदिति पांडेय की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर मंगलवार शाम हजारीबाग में विरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च में शहर के समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं तथा आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और बच्ची को जल्द से जल्द खोजने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 9 मई को अपने घर के पास से लापता हुई मासूम अदिति का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। घटना को डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्ची की बरामदगी नहीं होने से लोगों में आक्रोश और चिंता बढ़ती जा रही है।
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राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग
विरोध मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बच्ची की सुरक्षित वापसी की मांग की। मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि रांची पुलिस द्वारा की जा रही जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि अब तक जांच में कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं मिली है, जिससे परिवार और समाज दोनों चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेने तथा इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। विरोध मार्च के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इस पूरे मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की अपील की गई। लोगों ने कहा कि एक डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची का इतने लंबे समय तक लापता रहना बेहद गंभीर विषय है।
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पूरे समाज की चिंता का विषय
इसकी निष्पक्ष तथा प्रभावी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राज्य की सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर बच्ची की तलाश तेज की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अदिति को सकुशल बरामद नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा। उनका कहना था कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय है। विरोध मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इसमें शामिल लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया कि मासूम अदिति पांडेय की बरामदगी तक उनकी आवाज लगातार उठती रहेगी।