द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के पोढ़ा नागफेनी गांव में जादू-टोना के अंधविश्वास ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली। गांव के सीताराम खड़िया की शनिवार रात कुदाल से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया और आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात सीताराम खड़िया घर में भोजन करने की तैयारी कर रहे थे। हाथ धोने के लिए जैसे ही वह घर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही एतवा उरांव ने उन पर कुदाल से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सीताराम को परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार ने लगाया अंधविश्वास के कारण हत्या का आरोप
मृतक के पुत्र कुशल खड़िया ने बताया कि आरोपी एतवा उरांव लंबे समय से उनके पिता पर डायन-बिसाही और जादू-टोना करने का आरोप लगाता था। उसका मानना था कि उसके बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की लगातार हो रही बीमारी के पीछे सीताराम खड़िया का हाथ है। इसी अंधविश्वास और गलत धारणा के चलते उसने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।

आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद सिसई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी संजय चौबे ने बताया कि आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जागरूकता और कानून के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास आज भी लोगों की जान ले रहे हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।