द फॉलोअप डेस्क
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में 10वें दीक्षांत समारोह मनाया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों को उपाधि प्रदान की। दीक्षांत समारोह में डी-लिट, पीएचडी एवं टॉपरों को कुल 347 उपाधियां दी गई। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के विवेकानंद सभागार में किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। सैकड़ो छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद रहे। भारतीय परिधान में इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उनके कर्तव्यों को याद कराया। उन्होंने कहा कि दिक्षांत समारोह केवल उपाधी प्राप्त करने का आयोजन नहीं है। बल्कि डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का परिश्रम, अनुशासन धैर्य और साधना का प्रतीक है। यह विश्वविद्यालय के लिए काफी बड़ा दिन है।.jpg)
उन्होंने कहा कि सभी को इमानदारी और लगन से पढ़ाई करने की आवश्यकता है, साथ ही छात्रों को अपनी जिम्मेवारी भी उठानी होगी, तभी हमारा देश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका अर्जित करना नहीं बल्कि एक संवेदनशील जिम्मेवार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक का निर्माण करना है। हमारा देश ऐसे युवाओं की ओर आशाभरी दृष्टि से देख रहा है जो चुनौतियों से घबराते नहीं बल्कि उन्हें अवसर में बदल देते हैं। संतोष गंगवार ने छात्रों को कहा विद्यार्थीयों से यह अपेक्षा करता हूं कि आप शिक्षा के महत्व को केवल अपने तक सीमित न रखें। समाज के प्रति आपका एक बड़ा दायित्व बनता है।