द फॉलोअप डेस्क
जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा में छूट देने का मामला गुरुवार को विधानसभा में उठा। शून्यकाल में विधायक जयराम महतो तथा कई अन्य विधायकों ने सरकार से कट ऑफ डेट बढाने की मांग की। महतो ने कहा कि पूर्व की परीक्षा में कट ऑफ डेट 2016 एवं 2017 रखा गया था। इस बार अगस्त 2026 रखा गया है। सरकार को युवाओं की मांग और उनके कैरियर को देखते हुए इस बार कट ऑफ डेट अगस्त 2018 करना चाहिए। विधायक प्रदीप यादव ने भी कहा कि कुछ अभ्यर्थी हाई कोर्ट गए हैं, जिन्हें आवेदन की अनुमति दे दी गयी है, लेकिन जो गरीब छात्र कोर्ट नहीं जा सके वे इससे वंचित हो रहे हैं। इसपर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सभी आवेदन कर सकें इसका पूरा प्रयास किया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि कैबिनेट की पिछली बैठक में इसपर गंभीरता से चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री भी इस पर गंभीर हैं। हालांकि आज इस मुद्दे पर शून्यकाल के प्रश्न पर सदन में चर्चा हो गयी। अमूमन शून्यकाल के प्रश्न को पढ़ने तक सीमित रखा जाता था। लेकिन इस पर चर्चा हुई और संसदीय कार्यमंत्री ने सरकार की ओर से जवाब भी दिया। इसके बीच एक गंभीर सवाल भी खड़ा हो गया है। जेपीएससी ने आवेदन करने की तिथि 20 फरवरी तक बढ़ायी है। अब एक दिन का समय शेष है। फिर सरकार कट ऑफ डेट में बढोत्तरी का निर्णय कब लेगी, यह गंभीर सवाल है।
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