द फॉलोअप, रांची
फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और एवं बल्लारी डिस्ट्रिक्ट चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार एवं निवेश संभावनाओं को लेकर आज चैम्बर भवन में संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखण्ड सरकार के उद्योग सचिव अरवा राजकमल एवं उद्योग निदेशक विशाल सागर मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक के दौरान झारखण्ड एवं कर्नाटक के उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस आइडिया, निवेश अवसर, औद्योगिक सहयोग तथा व्यापार विस्तार को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में आपसी समन्वय के साथ उद्योगों के विकास के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि यह बैठक उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापारिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत है। झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद से व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलेगी तथा भविष्य में संयुक्त बिजनेस डेलिगेशन, बी2बी मीटिंग्स एवं निवेश गतिविधियों को और विस्तार मिलेगा।

झारखण्ड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखण्ड और कर्नाटक, दोनों ही राज्यों में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य की टेक्सटाइल पॉलिसी आकर्षक है तथा नई इंडस्ट्री पॉलिसी शीघ्र आने वाली है, जो निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड मिनरल रिच स्टेट है, जहाँ लिथियम, मैंगनीज, बॉक्साइट सहित कई खनिज उपलब्ध हैं। राज्य पावर सरप्लस है तथा यहाँ कुशल श्रमबल की कोई कमी नहीं है। मसाला, सब्जी, कॉटन, राइस मिल, रियल एस्टेट एवं एक्सपोर्ट सेक्टर में भी व्यापक संभावनाएँ हैं।

उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखण्ड उद्योगों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। हमारे राज्य की औद्योगिक इकाइयां राज्य की औद्योगिक क्षमता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि बलारी माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं आईटी सेक्टर में अग्रणी है और दोनों राज्यों के बीच सीखने एवं साथ मिलकर कार्य करने की व्यापक संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड चैम्बर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद की एक उत्कृष्ट परंपरा की शुरुआत की है, जिसके निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि झारखण्ड में उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा माननीय मुख्यमंत्री राज्य के विकास को लेकर दूरदर्शी सोच रखते हैं। पर्यटन क्षेत्र में भी राज्य तेजी से उभर रहा है और यहाँ उद्योगों के लिए भूमि की कोई कमी नहीं है।

उद्योग निदेशक विशाल सागर ने कर्नाटक के उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि पहली बार झारखण्ड ने दावोस के वर्ल्ड इकनोमिक फोरम में सहभागिता की, जिसमें झारखण्ड चैम्बर भी माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य में निवेश की अपार संभावनाओं पर बल देते हुए कहा कि राज्य में फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म एवं एग्रीकल्चर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए सदैव उपलब्ध है।

बलारी डिस्ट्रिक्ट चैम्बर के अध्यक्ष अव्वरु मंजूनाथ ने बलारी में निवेश की संभावनाओं पर अपनी बात रखते हुए झारखण्ड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बलारी चैम्बर के पदाधिकारियों ने बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एमएसएमई कॉन्क्लेव में झारखण्ड चैम्बर को आमंत्रित किया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के उद्यमियों एवं व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसाय का परिचय देते हुए आइडिया एक्सचेंज किया। बैठक में धार्मिक एवं कन्वेंशनल टूरिज्म, बिजनेस डेवलपमेंट अवसर, बलारी के स्पंज आयरन यूनिट्स एवं अन्य उद्योगों के लिए कोल सप्लाई, झारखण्ड के व्यापारियों के लिए कॉटन एवं मिर्ची सप्लाई, झारखण्ड में उत्पादित कृषि उत्पादों की कर्नाटक में आपूर्ति तथा रेडीमेड जींस सप्लाई जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में एक-दूसरे को सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, तुलसी पटेल, शैलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा, धीरज तनेजा, किशोर मंत्री, सदस्य बिनोद अग्रवाल, अजय भंडारी, सुरेश अग्रवाल, एनके टिकमानी, ग्यारसी लाल गोयल, मिथिलेश पांडेय, रोहित कुमार, संजय माहुरी, बल्लारी डिस्ट्रिक्ट चैम्बर की ओर से अव्वरु मंजूनाथ, एस दोड्डाणा गौड़ा, पी पलना, केसी सुरेश बाबू, वी रामचंद्र, सीएस सत्यनारायण, सी श्रीनिवास राव, सत्य बाबू बी, सीए के राजशेखर, यु गोविन्द रेड्डी, एसपी वेंकटेश, आर नागराजा, जी राघवेंद्र रेड्डी, के गोपाल रेड्डी, एम शशि रेड्डी, केएम शिवा मूर्ति, एम गुरुस्वामी, एम अनंदा बाबू, प्रशांत चित्रिकी, के नागराज, जी ईनाथा रेड्डी, के रामंजनेयालु उपस्थित थे।
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