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Giridih : 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मेधा डेयरी प्लांट का निर्माण तेज, DC ने समय-सीमा पर दिया जोर

50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मेधा डेयरी प्लांट का निर्माण तेज, DC ने समय-सीमा पर दिया जोर

गिरिडीह
Giridih News: गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज योगीटांड़ में निर्माणाधीन मेधा डेयरी प्लांट का निरीक्षण (Inspection) किया और इसे समय-सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने प्लांट के निर्माण कार्यों की प्रगति (Progress), कंस्ट्रक्शन (Construction) से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियों, प्रोजेक्ट (Project) में उपयोग की जा रही सामग्री एवं क्वालिटी (Quality) की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्धारित मानकों (Standards) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा (Timeline) के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा प्लांट से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर विशेष जोर दिया। 

बाजार तक पहुंचाने के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है
झारखंड सरकार एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुए समझौते के तहत झारखंड मिल्क फेडरेशन द्वारा संस्थागत दुग्ध संग्रहण तथा मेधा दूध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों से दूध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दूध को बाजार तक पहुंचाने के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के आधार पर गिरिडीह जिले में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। इससे जिले के ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को संगठित दुग्ध संग्रहण व्यवस्था से जोड़ने, दूध के सुरक्षित एवं व्यवस्थित संग्रहण तथा विधायन की सुविधा को मजबूत करने और दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

प्रशासन द्वारा सभी प्रकार का सहयोग किया जाएगा
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा सभी प्रकार का सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में दुग्ध क्षेत्र से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहतर अवसर एवं बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इस निरीक्षण के दौरान सभी कार्य गुणवत्ता के अनुरूप हो रहे थे और उपायुक्त महोदय निर्माणाधीन डेयरी कार्य की प्रगति से संतुष्ट दिखे। निरीक्षण के दौरान K S पटेल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के उप महाप्रबंधक, पवन मारवाहा, महाप्रबंधक, झारखंड मिल्क फेडरेशन एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी, कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि एवं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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