गिरिडीह
सीएम हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) ने आज गिरिडीह (Giridih) में कहा है कि मरांगबुरु (Marang Buru) आदिवासी समाज (Tribal Community) की आस्था (Faith) और पहचान (Identity) के प्रतीक हैं। इन्हें बचाने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट (United) होकर खड़ा होना होगा। एकजुटता (Unity) ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। विरोधी (Opponents) हमारी ताकत का अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे।

समाज, धर्म, संस्कृति और भविष्य पर हुआ चिंतन
मुख्यमंत्री ने यह बातें शहर में आयोजित मरांग बुरू धोरोमगाढ़ महासम्मेलन (Marang Buru Dhoromgarh Mahasammelan) के संदर्भ में कही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर झारखंड, बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे अगुआ नेताओं, समाज के लोगों और गणमान्य व्यक्तियों का अभिनंदन किया। हेमंत सोरेन ने कहा कि महासम्मेलन में लोगों ने अपने समाज, धर्म, संस्कृति और भविष्य को लेकर जिस तरह अपने विचार रखे, उसके लिए वे सभी के आभारी हैं। उन्होंने मरांग बुरू की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास और एकजुटता पर जोर दिया।
