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गढ़वा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दी गई श्रद्धांजलि

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गढ़वा
झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर आज मंगलवार को गढ़वा के बिरसा मुंडा पार्क में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) जिला कमेटी की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं जेएमएम के केंद्रीय महासचिव मिथलेश ठाकुर, विधायक अनंत प्रताप देव सहित हजारों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सम्मान और जनसैलाब का माहौल देखने को मिला।
पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा पार्क में स्थापित होने वाली दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा के स्थल एवं उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर और विधायक अनंत प्रताप देव ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन, झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा में सामाजिक समरसता का संदेश
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के तहत सर्वधर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं और प्रबुद्धजनों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाज एवं मंत्रोच्चार के माध्यम से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, भाईचारे और दिशोम गुरु के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराना था।
रक्तदान, सम्मान और सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर की पत्नी चंचला ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने रक्तदान किया। साथ ही झारखंड आंदोलन के सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण किया गया तथा सामूहिक भोज का आयोजन भी हुआ।
'शिबू सोरेन झारखंड की पहचान और स्वाभिमान के प्रतीक थे'
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई के सबसे बड़े प्रतीक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष, विचार और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
'भारत रत्न से सम्मानित करने की उठाई मांग'
मिथलेश ठाकुर ने कहा कि शिबू सोरेन झारखंड राज्य के निर्माता, गरीबों, पिछड़ों और शोषितों को नई दिशा देने वाले महानायक थे। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा पार्क में जल्द ही दिशोम गुरु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने शिबू सोरेन की माता सोना सोबरन के योगदान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि महाजनी प्रथा के खिलाफ चले आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु जीवनभर खेती, शिक्षा और नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों से जुड़े रहे और देश ही नहीं, दुनिया भर में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। पद्म भूषण से सम्मानित शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि केवल एक दिन श्रद्धांजलि अर्पित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

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