जामताड़ा:
पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर कुमार सिंह ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों और नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सत्तारुढ़ पार्टियां खान एवं खनिज संशोधन बिल का विरोध करती है, तो वहीं दूसरी ओर राज्य में अवैध खनन और कोयले की तस्करी चरम पर है। सारठ विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि चित्रा माइंस कोलियरी और इसके आसपास के इलाकों में धड़ल्ले से अवैध कोयला डिपो खोले गए हैं। इन डिपो के जरिए रोजाना दर्जनों ट्रकों में अवैध कोयला लोड करके दूसरे राज्यों और इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है।
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रणधीर सिंह ने किए कई सनसनीखेज दावे
रणधीर सिंह ने क्षेत्र के ठारी, गाजा मोड़, सिमल गढ़ा, रंगा मटिया और मालोडीह जैसे स्थानों के गुप्त ठिकानों व जंगलों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का भंडारण किया जा रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जो गरीब तबके के लोग साइकिल से कोयला ढोकर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, उनसे भी दबंगई से कोयला छीनकर इन अवैध डिपो में जमा किया जा रहा है। वर्तमान में हर दिन 15 से अधिक ट्रकों के माध्यम से अवैध कोयले की तस्करी की जा रही है।

2 थाना प्रभारियों की भूमिका को संदिग्ध बताया
भाजपा प्रवक्ता ने सीधे तौर पर चित्रा कोलियरी के महाप्रबंधक (GM) के साथ-साथ चित्रा थाना और खागा थाना के प्रभारियों की भूमिका को संदिग्ध बताया। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मांग की कि वे अविलंब संज्ञान लेकर इन अवैध कोयला डिपो पर छापेमारी करें और इन्हें बंद कराएं। उन्होंने चित्रा कोलियरी प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि महाप्रबंधक इसमें शामिल नहीं हैं, तो CISF और सुरक्षा गार्ड क्या कर रहे हैं? सुरक्षा बल इन ठिकानों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे।
रणधीर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस काले कारोबार पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो वे जल्द ही भारत सरकार के गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग करेंगे।