द फॉलोअप डेस्क
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में डीसी कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में वन अधिकार समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 2006 के "अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता)" अधिनियम के तहत प्राप्त 85 वन पट्टा दावा अभिलेखों पर चर्चा की गई। इसमें 11 सामुदायिक, 72 व्यक्तिगत और 2 एनएचएआई से संबंधित दावा अभिलेख शामिल थे। बैठक में इन सभी दावों की जिला वन अधिकार समिति द्वारा गहन समीक्षा की गई। इसके बाद दावों की सत्यापन प्रक्रिया, भू-सीमा निर्धारण और दस्तावेजों की जांच की बात की गई, ताकि संबंधित प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सके।
डीसी कर्ण सत्यार्थी ने इस बात पर जोर दिया कि वन क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के सामुदायिक हित को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा आयोजित कर ज्यादा से ज्यादा आवेदन सृजित किए जाएं। उन्होंने पहले भी सभी सीओ को 500 एकड़ जमीन को सीएफआर के तहत चिन्हित करने का निर्देश दिया था। इस बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य समद, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल दीपक सहाय, जिला परिषद सदस्यगण, एनएचएआई और वन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।
