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आवाज उठी तो जागा प्रशासन: जामताड़ा जिले के बेलटांड़ गांव में दो डीप बोरिंग का आश्वासन 

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जामताड़ा 

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सक्रियता जब जनहित से जुड़ती है, तो परिणाम सुखद होते हैं। जामताड़ा प्रखंड के मेझिया पंचायत अंतर्गत बेलटांड़ गांव में गहराए जल संकट को लेकर द फॉलोअप में प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी शनिवार को गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। दरअसल बेलटांड़ गांव में जल संकट की समस्या के बाद ग्रामीणों ने DC से गुहार लगाई। गांव में पीने के पानी की समस्या इतनी विकराल हो गई थी कि ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा था और उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली थी। विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को गांव में ग्रामीणों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

दो नए डीप बोरिंग कराने का आश्वासन

इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से आबादी और घरों की विस्तृत सूची मांगी है। गाँव में तत्काल राहत के लिए दो नए डीप बोरिंग कराने का ठोस आश्वासन भी दिया गया। इसके साथ ही जलापूर्ति की अन्य तकनीकी बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं  'फॉलो अप' की इस सफल पहल पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले इसी मीडिया संस्थान के प्रयास से गांव में बिजली पहुंची थी और अब उन्हें विश्वास है कि पानी की समस्या का भी स्थायी समाधान हो जाएगा। अधिकारियों के आगमन से ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि अब उन्हें पानी के लिए कोसों दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

Tags - Media impact Water crisis Administrative action Rural issues