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MGNREGA : गिरिडीह में हुए लगभग आठ करोड़ के घोटाले में एफआईआर जल्द

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द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले में मनरेगा योजना में हुए लगभग आठ करोड़ के घोटाले में जल्द ही एफआईआर होने की संभावना है। सरकार के शीर्ष स्तर से आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। दिलचस्प है कि तीन साल पूर्व हुए इस मनरेगा घोटाले की जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध अर्थ दंड व अन्य तरह के दंड तो दिए गए, लेकिन वित्तीय अनियमितता के इतने बड़े मामले में कोई आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया संचालित नहीं की गयी। जानकारी के अनुसार जिले के सदर प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत नियम विरुद्ध तरीके से आठ गुणा से अधिक राशि की निकासी कर ली गयी। इस मामले में बीडीओ से लेकर मुखिया तक दंडित भी किए गए। 


आरोपों की जांच के क्रम में यह सामने आया कि जिले के सदर प्रखंड में 2023 में वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च में मनरेगा के लिए आवंटित राशि से आठ गुणा अधिक राशि की निकासी कर ली गयी। इस क्रम में मनरेगा योजना में मैटेरियल पर होनेवाले 60 फीसदी और मजदूरी पर होनेवाले 40 फीसदी की सीमा को दरकिनार कर कंक्रीट वर्क को प्राथमिकता दी गयी। इस प्राथमिकता से सीमेंट, बालू व अन्य सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता को लाभ पहुंचा गया। आपूर्तिकर्ता इससे भारी पैमाने पर लाभान्वित हुआ। जब मामला प्रकाश में आया तो तत्कालीन डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने अधिकाई निकासी की जांच करायी। जांच में बीडीओ, बीपीओ, मुखिया, रोजगार सेवक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहायक अभियंता व कनीय अभियंता को दोषी पाया गया है। लेकिन मनरेगा योजना की नियमावली के तहत आरोपियों को मात्र एक एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की रकम इतनी कम थी, इससे कोई असर नहीं हुआ। आर्थिक अपराध के मामले को दबा दिया गया। लेकिन लगभग आठ करोड़ की वित्तीय अनियमितता का मामला इतना बड़ा था कि जिला प्रशासन इसे दबा नहीं सका। अब वित्तीय घोटाले के लिए संबंधित अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।


चार पंचायतों पर हुई थी उस समय कार्रवाई
जांच के बाद सदर प्रखंड के चार पंचायतों पर कार्रवाई की गयी थी। उनमें करहरबारी, गादी श्रीरामपुर, अगदोनी कला और बदगुंदा खुर्द शामिल था। इन पंचायतों के रोजगार सेवक और मुखिया पर अर्थ दंड लगाया गया। एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों से अधिकाई निकासी के पैसे की वसूली के  भी आदेश दिए गए। उपायुक्त के आदेश के बाद करहरबारी को 52 हजार 4 सौ 90 रुपए, अगदोनी कला को एक लाख 69 हजार 845 रुपए, गादी श्रीरामपुर को 18 हजार 140 रुपए तो बदगुन्दा खुर्द को 51 हजार 875 रुपए जमा करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने गिरिडीह के सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को आलोच्य वर्ष में 31 मई तक राशि की वसूली कर हर हाल में ट्रेजरी में जमा कराने का आदेश भी दिया। लेकिन घोटाले की पूरी राशि की अब तक वसूली नहीं हो सकी।


 

Tags - Jharkhand MGNREGA scam Giridih Withdrawal of over Rs 8 crore FIR to be lodged soon