पश्चिमी सिंहभूम
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत रेंगालबेड़ा गांव स्थित शिल्पा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने समूह के बैंक खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर समूह की सदस्याओं में आक्रोश है और उन्होंने थाना में शिकायत दर्ज कराने तथा कार्रवाई की मांग की है। समूह की अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तिरला निवासी सुबानी लकड़ा और बैंक सहायक बेंजामिन पूर्ती ने उन्हें जानकारी दी थी कि समूह के खाते में राशि आयी है और बैंक की ओर से पैसा लेने के लिए बुलाया गया है।
.jpg)
समूह से 6 लाख रुपये ऋण राशि जमा करने को कहा
इसके बाद अध्यक्ष और सचिव को बैंक ले जाया गया, जहां दो अलग-अलग दिनों में 49-49 हजार रुपये निकासी से संबंधित फॉर्म भरवाए गये। अध्यक्ष के अनुसार, कुछ दिनों बाद सुबानी लकड़ा ने समूह को 2 लाख रुपये नकद दिये। इसी दौरान बैंक रिकॉर्ड में समूह के नाम पर 6 लाख रुपये ऋण वितरण दर्ज होने की जानकारी सामने आयी। मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब बैंक प्रबंधक और बैंक सहायक बेंजामिन पूर्ती रेंगालबेड़ा स्थित अध्यक्ष के घर पहुंचे और समूह से 6 लाख रुपये ऋण राशि जमा करने को कहा। इस पर समूह की महिलाओं ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें केवल 2 लाख रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
.jpeg)
बिना जानकारी और सहमति के 4 लाख रुपये की निकासी
इसके बाद समूह की सदस्याएं बैंक पहुंचीं और पासबुक तथा खाते की जांच करायी। जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि खाते से कुल 6 लाख रुपये की निकासी दर्ज है। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें बिना जानकारी और सहमति के 4 लाख रुपये की निकासी दिखाकर वित्तीय गड़बड़ी की गयी है। समूह की महिलाओं ने कहा कि मामले को लेकर मनोहरपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी जायेगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जायेगी। साथ ही इसकी लिखित सूचना जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर को भी दे दी गयी है।